Old Pension Scheme: पेंशन तिरंगा यात्रा में गूंजी पुरानी पेंशन बहाली की मांग, सैकड़ों शिक्षक-कर्मचारी हुए शामिल
नोएडा। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी सड़कों पर उतरे। अटेवा पेंशन बचाओ मंच गौतमबुद्ध नगर के आह्वान पर जिला मुख्यालय पर पेंशन तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल शिक्षक और कर्मचारी हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग करते नजर आए।
पेंशन तिरंगा यात्रा के माध्यम से कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली को अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। यात्रा में विभिन्न विभागों और शिक्षक संगठनों से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने शिक्षक और कर्मचारी वर्ग से इस मुद्दे पर एकजुट रहने और आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग को मजबूती से संबंधित स्तर तक पहुंचाने के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
जिला महामंत्री जगवीर भाटी ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। कर्मचारियों को उनका अधिकार मिलने तक संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाता रहेगा।
यात्रा के दौरान शिक्षक-कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। आयोजकों का कहना है कि पेंशन कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक और सामाजिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इस मांग को लगातार सरकार के सामने रखा जाएगा।
पेंशन तिरंगा यात्रा में प्राथमिक शिक्षक संघ के विनोद नगर मंडल अध्यक्ष उमेश राठी, जिला प्रवक्ता विजेंद्र सिंह, डॉ. विजेंद्र सिंह, एसपी कर्दम, वीरेंद्र विश्वकर्मा, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष नौरंगी देवी, उषा चौधरी, नीरज सिंह, संजना, नेहा पांचाल और छत्रपाल सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने इस यात्रा के जरिए स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर उसका अभियान आगे भी जारी रहेगा। संगठन ने शिक्षक और कर्मचारी वर्ग से एकजुट होकर अपनी मांग को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहने का आह्वान किया है।


