Noida Sports City: संशोधित लेआउट प्लान पर 225 से ज्यादा आपत्तियां, निस्तारण के लिए तीन दिन चलेगी बैठक
नोएडा। नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के संशोधित लेआउट प्लान को लेकर प्राधिकरण को 225 से अधिक आपत्तियां मिली हैं। इन आपत्तियों के निस्तारण के लिए मंगलवार को प्राधिकरण में मैराथन बैठक शुरू हुई। एसीईओ वंदना त्रिपाठी की अध्यक्षता में गठित समिति आपत्तियों में उठाए गए अलग-अलग मुद्दों की समीक्षा कर रही है। प्राधिकरण का लक्ष्य सभी आपत्तियों पर विचार करने के बाद संशोधित लेआउट प्लान को मंजूरी देने की दिशा में आगे बढ़ना है। इसके लिए तीन दिन तक बैठक चलने की संभावना है।
आपत्तियां सेक्टर-78-79, सेक्टर-150 और सेक्टर-152 में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े भूखंडों के संशोधित लेआउट प्लान को लेकर प्राप्त हुई हैं। प्राधिकरण ने इन योजनाओं पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। निर्धारित समयसीमा के भीतर ई-मेल और पत्रों के माध्यम से 225 से अधिक आपत्तियां दर्ज कराई गईं। अब समिति इन सभी आपत्तियों का परीक्षण कर रही है, ताकि संबंधित मुद्दों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जा सके।
प्राधिकरण को मिली आपत्तियों में सबसे अधिक संख्या सेक्टर-78-79 के संशोधित लेआउट प्लान से संबंधित है। इन सेक्टरों के लिए करीब 100 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। वहीं, सेक्टर-150 के लेआउट प्लान पर लगभग 75 और सेक्टर-152 से जुड़े प्लान पर करीब 50 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। समिति इन आपत्तियों में उठाए गए बिंदुओं की समीक्षा कर रही है। सभी क्षेत्रों से मिली आपत्तियों पर विचार के बाद ही संशोधित योजनाओं को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
आपत्तियों के निस्तारण के लिए एसीईओ वंदना त्रिपाठी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इसमें एसीईओ पुष्पराज सिंह के अलावा प्राधिकरण के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी शामिल हैं। समिति का काम आपत्तियों में उठाए गए मुद्दों का परीक्षण करना और उनके आधार पर संशोधित लेआउट प्लान के संबंध में आगे की कार्रवाई तय करना है।
प्राधिकरण ने शुरुआत में मंगलवार और बुधवार तक आपत्तियों के निस्तारण का लक्ष्य रखा था, लेकिन समीक्षा प्रक्रिया में एक दिन अतिरिक्त लगने की संभावना जताई गई है। ऐसे में बैठक तीन दिन तक चल सकती है। सभी आपत्तियों पर विचार पूरा होने के बाद ही संशोधित लेआउट प्लान को पास करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल समिति की समीक्षा के बाद लिए जाने वाले निर्णय पर संबंधित क्षेत्रों के लोगों और स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं से जुड़े पक्षों की नजर है।


