Noida Safe City Project: कंपनियों की बेरुखी से अटकी सेफ सिटी परियोजना, नोएडा प्राधिकरण ने 15 दिन और बढ़ाई आवेदन की मियाद
महिलाओं और नागरिकों की सुरक्षा को आधुनिक कैमरों और एआई तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से प्रस्तावित नोएडा प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी ‘सेफ सिटी परियोजना’ पिछले छह वर्षों से फाइलों में धूल फांक रही है। परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए निजी तकनीकी कंपनियों की रुचि न दिखाने के चलते प्राधिकरण को एक बार फिर निविदा (टेंडर) में आवेदन करने की अंतिम तिथि को 15 दिन के लिए आगे बढ़ाना पड़ा है। अब इच्छुक कंपनियां आगामी 10 नवंबर 2026 तक अपने प्रस्ताव जमा कर सकेंगी। लगातार तारीखें बढ़ाए जाने के बावजूद किसी भी बड़ी आईटी या सुरक्षा एजेंसी का आगे न आना प्राधिकरण के कड़े नियमों और परियोजना की जटिल शर्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
गौरतलब है कि नोएडा को आधुनिक सुरक्षा तंत्र से लैस करने के लिए सेफ सिटी योजना की रूपरेखा वर्ष 2018-19 में तैयार की गई थी। करीब पांच साल की लंबी कागजी कसरत के बाद पिछले वर्ष पहली बार आधिकारिक टेंडर जारी कर वैश्विक स्तर की कंपनियों से आवेदन मांगे गए थे, लेकिन उस समय किसी भी कंपनी ने बोली में भाग नहीं लिया था। इसके बाद प्राधिकरण ने कंपनियों के साथ प्री-बिड बैठकें कर उनके सुझावों के आधार पर तकनीकी शर्तों में बदलाव करने में एक साल से अधिक का समय गंवा दिया। करीब तीन महीने पहले जब संशोधित नियमों के साथ दोबारा टेंडर जारी किया गया, तब भी कंपनियों की ओर से अपेक्षित उत्साह नहीं दिखाया गया।
प्राधिकरण ने पूर्व में आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 25 अक्टूबर तय की थी, जिसकी मियाद खत्म होने में महज दो दिन शेष थे, लेकिन कंपनियों ने फिर से कुछ नियमों में रियायत की मांग करते हुए पत्र भेज दिए। कंपनियों की बेरुखी को देखते हुए अधिकारियों ने तीसरी बार 15 दिन का सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों द्वारा उठाए गए विधिक और वित्तीय बिंदुओं पर आंतरिक समिति मंथन कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि शर्तों को व्यावहारिक बनाए जाने के बाद 10 नवंबर तक योग्य कंपनियों का चयन पूरा कर लिया जाएगा, जिससे शहर के प्रमुख चौराहों, मेट्रो स्टेशनों और संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट निगरानी तंत्र स्थापित हो सके।






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