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Noida Police Initiative: एफडीआरसी की पहल से 78 परिवार टूटने से बचे, काउंसलिंग से सुलझे विवाद

Noida Police Initiative: एफडीआरसी की पहल से 78 परिवार टूटने से बचे, काउंसलिंग से सुलझे विवाद

गौतमबुद्ध नगर पुलिस की पहल फैमिली डिस्प्यूट रेजोल्यूशन क्लीनिक (एफडीआरसी) ने पारिवारिक विवादों को सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस द्वारा चलाई जा रही इस पहल के तहत 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 78 परिवारों को टूटने से बचाया गया है। इस प्रयास ने यह साबित किया है कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

यह पहल अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र और पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) के निर्देशन में चलाई जा रही है। एफडीआरसी, महिला सहायता प्रकोष्ठ, पिंक बूथ और अन्य परामर्श केंद्रों के माध्यम से पारिवारिक विवादों में मध्यस्थता कराई जाती है। विशेषज्ञों की टीम दोनों पक्षों को सुनकर संतुलित समाधान निकालती है, जिससे आपसी मतभेद खत्म होते हैं और परिवार दोबारा एकजुट हो पाते हैं।

एफडीआरसी का मुख्य उद्देश्य वैवाहिक और पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना है। यहां मानसिक, भावनात्मक और व्यवहारिक समस्याओं को समझते हुए लोगों को सही मार्गदर्शन दिया जाता है। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और अन्य सामाजिक मुद्दों से जुड़े मामलों में भी यह केंद्र प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे सेक्टर-108, नॉलेज पार्क, बिसरख, महिला थाना और महिला सहायता प्रकोष्ठ में नियमित रूप से काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग छोटे-छोटे विवादों को बढ़ाने के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकाल सकें।

पुलिस द्वारा साझा किए गए मामलों में एक मूक-बधिर दंपत्ति का केस भी शामिल है, जिसमें 2019 से विवाद चल रहा था। शारदा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों और सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद से पांच चरणों में काउंसलिंग की गई। जांच में पाया गया कि विवाद का मुख्य कारण आर्थिक तनाव और बेरोजगारी था। लगातार प्रयासों के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म कर लिया।

एक अन्य मामले में नॉलेज पार्क स्थित एफडीआरसी में आए दंपत्ति के बीच छोटी-सी बात से शुरू हुआ विवाद गंभीर हो गया था। चार चरणों की काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच संवाद बहाल हुआ और उन्होंने साथ रहने का निर्णय लिया।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कहा कि एफडीआरसी जैसी पहल यह दर्शाती है कि पुलिस समाज को जोड़ने और मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। इस पहल के माध्यम से 78 परिवारों को टूटने से बचाया गया, जो एक बड़ी सामाजिक उपलब्धि है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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