Noida International Airport: धनौरी में होगा एयरपोर्ट के ठोस कचरे का निस्तारण, 100 प्रतिशत रीसाइक्लिंग की होगी व्यवस्था
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट से प्रतिदिन निकलने वाले ठोस कचरे के निपटान के लिए धनौरी वेटलैंड के पास भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जहां कचरे की 100 प्रतिशत रीसाइक्लिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए करीब 200 मीटर भूमि किराये पर देने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कचरे का दोबारा उपयोग सुनिश्चित करना है।
जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट के प्रथम चरण में प्रतिदिन लगभग 6 टन ठोस कचरा उत्पन्न होगा। जैसे-जैसे एयरपोर्ट का विस्तार होगा, अंतिम चरण तक यह मात्रा बढ़कर 40 टन प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है। इस बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दीर्घकालिक योजना तैयार की गई है।
एयरपोर्ट परिसर में पहले से ही तरल अपशिष्ट के निस्तारण के लिए उत्तर-पूर्वी हिस्से में दो आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए गए हैं। उत्तरी भाग का एसटीपी यात्रियों और एयरपोर्ट की सपोर्ट सुविधाओं से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपचार करेगा, जबकि पूर्वी हिस्से का एसटीपी कार्गो, मेंटिनेंस और अन्य तकनीकी गतिविधियों से निकलने वाले तरल अपशिष्ट का निस्तारण करेगा। इन संयंत्रों में विशेष टैंक बनाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार का प्रदूषण पर्यावरण तक न पहुंचे।
अधिकारियों के मुताबिक ठोस कचरे के लिए धनौरी में अलग से व्यवस्था विकसित की जाएगी। एयरपोर्ट से निकलने वाले ठोस कचरे में बचा हुआ भोजन, प्लास्टिक कंटेनर, कटलरी, नैपकिन और अन्य डिस्पोजेबल सामग्री शामिल होगी। इसके अलावा अखबार, पत्रिकाएं, टिकट, बोर्डिंग पास और अन्य कागजी अपशिष्ट भी यहां भेजे जाएंगे। इस कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा और अधिकतम सामग्री का पुनर्चक्रण किया जाएगा।
बताया गया कि एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद फिलहाल कचरे की मात्रा सीमित है, लेकिन यात्रियों और उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ इसमें लगातार वृद्धि होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए धनौरी में ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की बोर्ड बैठक में पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। अब जल्द ही संबंधित एजेंसी को भूमि उपलब्ध कराकर परियोजना पर काम शुरू कराया जाएगा।

