Noida hockey stadium: नोएडा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, 7 जून से शुरू होगा निर्माण कार्य
नोएडा: शहर के सेक्टर-37 स्थित खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी स्टेडियम के निर्माण का कार्य 7 जून से शुरू होने जा रहा है। इसी दिन भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके साथ ही निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ भी कर दिया जाएगा। यह गौतमबुद्ध नगर जिले का पहला अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला हॉकी स्टेडियम होगा, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना पर करीब 10.30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्यादेश जारी किया जा चुका है। पहले चरण में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, जल निकासी के लिए आरसीसी नालियां, फुटपाथ और मैदान पर पानी के छिड़काव के लिए आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाएगी।
हॉकी मैदान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 101.4 मीटर लंबा और 63 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। परियोजना की कुल लागत लगभग 10.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पहले चरण का कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि आगे की सुविधाओं का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
स्टेडियम में 6,000 से अधिक दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। भविष्य में यहां बहुमंजिला पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस परियोजना की पहल जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह द्वारा की गई थी। सेक्टर-37 के खेल परिसर के लिए 10.5 एकड़ से अधिक भूमि आरक्षित है, जिसमें से लगभग सवा एकड़ क्षेत्र में हॉकी स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है।
स्टेडियम के निर्माण के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत ग्रेटर नोएडा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में गांवों में खेल मैदान विकसित करने और शहरी क्षेत्रों में आधुनिक खेल अवसंरचना तैयार करने का कार्य चल रहा है। साथ ही शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि हॉकी स्टेडियम को पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगी और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
