Noida Faridabad Expressway: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण में तेज रफ्तार, 60% कार्य पूरा; 2027 तक नोएडा–फरीदाबाद कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद

Noida Faridabad Expressway: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण में तेज रफ्तार, 60% कार्य पूरा; 2027 तक नोएडा–फरीदाबाद कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद

नोएडा, उत्तर प्रदेश: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर एयरपोर्ट) को फरीदाबाद और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह परियोजना अब लगभग 60 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, जिससे क्षेत्र के विकास और परिवहन नेटवर्क को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, हवाई अड्डे के एंट्री प्वाइंट 32.44 किलोमीटर से 22 किलोमीटर तक का हिस्सा पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। वहीं, फरीदाबाद की ओर 3 किलोमीटर प्वाइंट और नोएडा की ओर 26 किलोमीटर प्वाइंट पर टोल प्लाजा का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इससे स्पष्ट है कि एक्सप्रेसवे का ढांचा बड़ी तेजी से आकार ले रहा है और आने वाले समय में इसका उपयोग शुरू होने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

यमुना नदी पर बनाए जा रहे पुल का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह पुल जून 2026 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नोएडा, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा और यात्रा समय में काफी कमी आएगी।

लंबे समय से रुका हुआ 8 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड का कार्य भी फिर से शुरू कर दिया गया है, जो इस परियोजना की गति को और तेज करेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुख्य महाप्रबंधक शफी मोहम्मद ने बताया कि छह लेन वाले इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का संपूर्ण निर्माण जून 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। उनके अनुसार, परियोजना का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का है, और काम की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है।

यह एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद यात्रियों और उद्योग जगत दोनों को सीधा लाभ मिलने वाला है। जेवर एयरपोर्ट से NCR के प्रमुख शहरों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा और ग्रेटर नोएडा–यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावनाएं हैं।

स्थानीय निवासियों और उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र में आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आएगी और पूरे क्षेत्र को एक नए औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

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