Noida Demolition: हाजीपुर में 5 मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर चला बुलडोजर, 7 JCB के साथ पहुंची प्राधिकरण की टीम
नोएडा। सेक्टर-104 स्थित हाजीपुर में सरकारी जमीन पर बनाए गए पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की। करीब 7,950 वर्गमीटर जमीन पर बने इस कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने के लिए प्राधिकरण की सात जेसीबी मशीनें मौके पर लगाई गईं। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात रहे।
प्राधिकरण की टीम ने अधिकारियों की मौजूदगी में कॉम्प्लेक्स के निर्माण को तोड़ना शुरू किया। हालांकि कार्रवाई पूरी होने से पहले ही इसे अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था और पुलिस बल की आवश्यकता को देखते हुए कार्रवाई बीच में रोकने का फैसला लिया गया।
प्राधिकरण का कहना है कि यह कार्रवाई स्थायी रूप से बंद नहीं की गई है। करीब दो दिन बाद टीम दोबारा मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाएगी और शेष अवैध निर्माण को हटाया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह, जीएम एके अरोड़ा और संबंधित वर्क सर्किल के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों से कॉम्प्लेक्स के हिस्सों को तोड़ा गया। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित जमीन पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी और उस पर किया गया कॉमर्शियल निर्माण अनधिकृत था।
प्राधिकरण के रिकॉर्ड के मुताबिक मामला हाजीपुर के खसरा नंबर-412 की जमीन से जुड़ा है। इस भूमि का वर्ष 2002 में अधिग्रहण किया गया था। इसके बावजूद वर्ष 2023 में निश्याम बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड और हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से यहां कॉमर्शियल निर्माण शुरू किए जाने की बात सामने आई।
प्राधिकरण ने जमीन को अपनी अधिग्रहित भूमि बताते हुए निर्माण को अवैध करार दिया था। इसके बाद संबंधित पक्ष ने अदालत का रुख किया। 12 अप्रैल 2023 को मामले में प्राधिकरण के खिलाफ एकपक्षीय स्थगनादेश मिलने के कारण उस समय ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
यह मामला गौतमबुद्धनगर की अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में विचाराधीन रहा। करीब तीन साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद हाल ही में अदालत ने पहले जारी एकपक्षीय स्थगनादेश को खारिज कर दिया। इसके बाद प्राधिकरण के लिए जमीन पर कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया।
अदालत से राहत मिलने के बाद प्राधिकरण ने शुक्रवार को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। सात जेसीबी मशीनों की मदद से निर्माण के अलग-अलग हिस्सों को हटाने का काम किया गया।
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि अधिग्रहित और सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने भी अधिग्रहित जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं। इसी अभियान के तहत हाजीपुर की जमीन पर बने कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
प्राधिकरण के मुताबिक ध्वस्तीकरण पूरा होने के बाद करीब 7,950 वर्गमीटर जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिग्रहित जमीन पर बने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।


