Noida Air Pollution: नोएडा में टूटी सड़कों और उड़ती धूल ने बढ़ाया वायु प्रदूषण
GRAP लागू होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं
नोएडा। शहर में हर साल ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया जाता है, लेकिन नागरिकों का मानना है कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है। उखड़ी सड़कों से उड़ती धूल और बढ़ता ट्रैफिक हवा की गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस समय रहते ठोस कदम उठाएं, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
हर समय उड़ती रहती है धूल
सोसाइटी के सामने पिछले तीन साल से सड़क टूटी हुई है। रोजाना यहां से लगभग 25 स्कूल बसें गुजरती हैं, जिससे लगातार धूल उड़ती रहती है। यह बच्चों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है।
सेक्टरों में जाम और ट्रैफिक दबाव
सेक्टर-61, 62, 71 से 76 और गाजियाबाद की ओर जाने वाली सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। अतिक्रमण और धीमी गति के कारण ट्रैफिक बढ़ता है, जिससे प्रदूषण और बढ़ता है।
धूल कम करने के उपाय
नागरिकों का सुझाव है कि डस्ट-फ्री जोन में खोदाई बंद की जाए और सड़कों तथा पेड़ों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए। इससे धूल कम होगी और ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ेगा।
शहरवासियों की मांग है कि सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण हटाना और पानी का छिड़काव प्राथमिकता से किया जाए। प्रशासन समय रहते कदम उठाए तो सर्दियों में वायु प्रदूषण की गंभीरता काफी कम की जा सकती है।





