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Noida AI City: नोएडा में बनेगी एआई सिटी और बिजनेस पार्क, साढ़े सात साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

Noida AI City: नोएडा में बनेगी एआई सिटी और बिजनेस पार्क, साढ़े सात साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

नोएडा। नोएडा में एआई सिटी और बिजनेस पार्क बनाने की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक में यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025 को अपनाने और मास्टर डेवलपर चुनने के लिए आरएफपी जारी करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस प्रोजेक्ट को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए निजी कंपनी चुनी जाएगी, जबकि जमीन का मालिकाना हक प्राधिकरण के पास ही रहेगा।

प्रोजेक्ट के तहत जमीन 45 साल की लीज पर दी जाएगी। इसे आगे 45 साल के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा। यहां एआई, आईटी, आईटी से जुड़ी सेवाओं, रिसर्च सेंटर, स्टार्टअप और नई तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों को जगह मिलेगी। युवाओं के प्रशिक्षण और कौशल विकास के केंद्र भी बनाए जाएंगे।

बिजनेस पार्क में बनने वाले कुल क्षेत्र का कम से कम 50% हिस्सा आईटी और ज्ञान आधारित सेवाओं के लिए रखना होगा। वहीं, फूड कोर्ट, रिटेल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अधिकतम 10% जगह तय होगी। बाकी हिस्से में प्रशिक्षण केंद्र, रिसर्च और तकनीक से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।

प्रोजेक्ट का निर्माण पांच चरणों में किया जाएगा। पहले चरण को 24 महीने में पूरा करना होगा। दूसरे चरण तक कुल निर्माण का 40% हिस्सा तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद तीसरे और चौथे चरण में निर्माण बढ़ाकर क्रमशः 60% और 80% किया जाएगा। पांचवें चरण में पूरा प्रोजेक्ट विकसित होगा। अगले चरण में जाने के लिए पिछले चरण की कम से कम 60% जगह पर कब्जा, लीज या इस्तेमाल शुरू होना जरूरी होगा। हालांकि, मांग कम होने पर भी अगला चरण शुरू करने में तय सीमा से ज्यादा देरी नहीं की जा सकेगी।

पूरे प्रोजेक्ट को अधिकतम 90 महीने यानी साढ़े सात साल में पूरा करना होगा। निर्माण, वित्त और संचालन की जिम्मेदारी चुनी गई निजी कंपनी की होगी। तय अवधि पूरी होने के बाद प्रोजेक्ट प्राधिकरण को सौंपना होगा।

मास्टर डेवलपर का चयन ई-बिडिंग से होगा। तकनीकी मूल्यांकन में 100 अंक तय किए गए हैं। इसमें कम से कम 75 अंक पाने वाली कंपनियां ही वित्तीय बोली के लिए आगे बढ़ सकेंगी। वित्तीय मूल्यांकन में जमीन के लिए दी जाने वाली शुरुआती प्रीमियम राशि और कुल किराये की आय में प्राधिकरण की हिस्सेदारी को बराबर महत्व दिया जाएगा। अब प्राधिकरण कंपनी की पात्रता, वित्तीय शर्तों और बोली प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के साथ आरएफपी जारी करने की तैयारी करेगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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