Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : मंदिर आते-आते बहुत देर कर दी, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर श्रीकांत शर्मा का तीखा हमलाHapur News : हापुड़ में कनाडा से गिफ्ट भेजने के बहाने महिला से हुई बड़ी साइबर ठगी, 14 लाख से अधिक रकम हड़पीLucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमान

नोएडा हादसा: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की जांच में SIT सक्रिय, दोपहर 12 बजे प्राधिकरण पहुंची टीम

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत
नोएडा हादसा: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की जांच में SIT सक्रिय, दोपहर 12 बजे प्राधिकरण पहुंची टीम

नोएडा हादसा: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की जांच में SIT सक्रिय, दोपहर 12 बजे प्राधिकरण पहुंची टीम

नोएडा। Report | Ajeet


सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले की जांच तेज हो गई है। शासन के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार 20 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12:00 बजे नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर जांच की प्रक्रिया शुरू की।

एसआईटी का नेतृत्व एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर कर रहे हैं। टीम में मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता अजय वर्मा भी शामिल हैं।

घटनास्थल और फाइलों की गहन जांच

एसआईटी टीम ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की जांच की, साथ ही सेक्टर-150 स्थित उस दुर्घटनास्थल का भी निरीक्षण किया, जहां हाल ही में युवराज मेहता की जान गई थी।

इन बिंदुओं पर होगी SIT की जांच

  • दुर्घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां

  • सड़क सुरक्षा में लापरवाही

  • बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर की कमी

  • हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में देरी

  • संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है।

5 दिनों में मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

शासन ने एसआईटी को निर्देश दिए हैं कि वह 5 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यह मामला अब प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज हो रही है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें