नोएडा में डॉक्टर से लाखों रुपये की फीस ऐंठी

अमर सैनी

नोएडा। नोएडा में एक डॉक्टर की करीब 10 लाख रुपये की फीस उसके ही कर्मचारी ने अपने साथी के साथ मिलकर खाते में ट्रांसफर कर ली। घटना का पता चलने पर पीड़ित डॉक्टर ने मामले की शिकायत थाना सेक्टर-58 में दर्ज कराई। पूरे मामले की जांच कर रही नोएडा साइबर क्राइम थाने की टीम दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि आरोपी एमआर अभी भी फरार चल रहा है।

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान आगरा के मलपुरा निवासी संजय कुमार और एटा के बरौली निवासी अजय कुमार के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी महेश अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
फरवरी में पुलिस को दी शिकायत में चौड़ा गांव निवासी डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया था कि वह पिछले 3 साल से सेक्टर-61 में अग्रवाल क्लीनिक चला रहे हैं। एक दिन डॉक्टर को पता चला कि उनके यहां काम करने वाला महेश कुमार मरीजों से मिलने वाली फीस को फर्जी क्यूआर कोड के जरिए अपने खाते में ट्रांसफर कर रहा है। इस बारे में जब महेश से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अपने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव जीजा के साथ मिलकर ठगी कर रहा है। ठगी की रकम दस लाख से अधिक है।महेश और उसका साला संजय पिछले तीन साल से यह काम कर रहे थे। केस सेक्टर-58 से साइबर क्राइम थाने में ट्रांसफर हुआ था। पूछताछ में संजय ने बताया कि वह काफी समय से एमआर का काम कर रहा है। 2022 में वह डॉ. अजय अग्रवाल और मोनिका अग्रवाल के क्लीनिक पर दवाइयों का प्रचार करने जाता था। वहीं, उसने अपने साले महेश, जो उस समय उसके पास वाले मकान में रहता था। डॉ. अजय के क्लीनिक पर जांच का काम कराया था।

अपना क्यूआर कोड लगाकर ठगी रकम
महेश ने अस्पताल में मरीजों द्वारा लिए जाने वाले अस्पताल के क्यूआर कोड को बदलकर अपने नाम का क्यूआर कोड बना लिया था। इससे डॉक्टर की फीस उसके खाते में न जाकर किसी और के खाते में जा रही थी। महेश और संजय द्वारा ठगी की गई रकम अजय कुमार कठेरिया के बैंक खाते में ट्रांसफर होती थी। रकम निकालने के बाद तीनों आपस में बांट लेते थे। फरार आरोपी महेश की तलाश जारी है।

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