NIOS ASHA Certification: एनआईओएस में दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, 10 लाख आशा कार्यकर्ताओं के प्रमाणन का लक्ष्य

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NIOS ASHA Certification: एनआईओएस में दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, 10 लाख आशा कार्यकर्ताओं के प्रमाणन का लक्ष्य

नोएडा। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) के सहयोग से आशा प्रमाणन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में आशा कार्यकर्ताओं के प्रमाणन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाना है, ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा के निदेशक डॉ. तारकेश्वर नाथ गिरि ने बताया कि अब तक देशभर में 2.27 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ताओं का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि 1.65 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ताओं का सफल प्रमाणन भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में 10 लाख आशा कार्यकर्ताओं के प्रमाणन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे देश की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

राष्ट्रीय जैविक संस्थान की निदेशक डॉ. नीलिमा मिश्रा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की अग्रिम पंक्ति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत अहम है। इसलिए उनका प्रशिक्षण और प्रमाणन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एनएचएसआरसी के सलाहकार पंकज शाह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रमाणन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।

एनआईओएस के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश मिश्रा ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का प्रमाणन देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और प्रमाणित आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ-साथ आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी योगदान देंगी।