NIA Raid: असम, बंगाल और केरल में 16 ठिकानों पर कार्रवाई, 13 आरोपी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कथित आतंकी नेटवर्क और कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़े मामले में असम, पश्चिम बंगाल और केरल में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के मुताबिक तीनों राज्यों के कुल 16 ठिकानों पर हुई कार्रवाई के दौरान 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच का संबंध प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से जुड़े बताए जा रहे इमाम महमूदर काफिला (IMK) मॉड्यूल की कथित गतिविधियों से है।
NIA के अनुसार, 29 सितंबर 2026 की कार्रवाई में असम के 10, पश्चिम बंगाल के 5 और केरल के 1 स्थान पर तलाशी ली गई। इस दौरान मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। एजेंसी इन उपकरणों और उनमें मौजूद रिकॉर्ड की मदद से आरोपियों के संपर्कों और कथित नेटवर्क की गतिविधियों की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में 8 असम, 4 पश्चिम बंगाल और 1 केरल से पकड़ा गया है। NIA का आरोप है कि ये लोग कथित तौर पर IMK मॉड्यूल से जुड़े थे और संगठन की विचारधारा फैलाने तथा नए लोगों को नेटवर्क में शामिल करने की गतिविधियों में भूमिका निभा रहे थे। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
जांच एजेंसी ने इस कार्रवाई को दिसंबर 2025 से शुरू हुई जांच की अगली कड़ी बताया है। उस समय असम पुलिस ने असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों से 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। NIA के अनुसार जांच में “पूर्व आकाश” नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप के जरिए कथित ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण से जुड़ी गतिविधियों का पता चला था, जिसके बाद मामला NIA को सौंपा गया।
NIA के मुताबिक पहले की जांच में कुल 35 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ये आरोपी न्यायिक हिरासत में बताए गए हैं। एजेंसी अब नई गिरफ्तारियों और बरामद डिजिटल सामग्री के जरिए मामले की अन्य कड़ियों की जांच कर रही है।
NIA का आरोप है कि IMK के जरिए JMB की विचारधारा को भारत में फैलाने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसी के अनुसार पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों, खासकर असम और त्रिपुरा में प्रभाव बढ़ाने तथा युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिशों की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान कथित नेटवर्क से जुड़ी गुप्त बैठकों, धार्मिक वैचारिक कार्यक्रमों, साहित्य और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की बात सामने आई है। NIA इन गतिविधियों, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के संभावित साक्ष्यों के रूप में देख रही है।
एजेंसी के अनुसार पहले दाखिल चार्जशीट में नसीमुद्दीन को असम में IMK गतिविधियों से जुड़ा कथित प्रमुख व्यक्ति और जागीर मियां को त्रिपुरा में संगठन की गतिविधियों से जुड़ा आरोपी बताया गया है। ताजा कार्रवाई के बाद NIA कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों और इसमें शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही है।
मामले में अभी 10 आरोपी फरार बताए गए हैं। NDTV के अनुसार इनमें एक भारतीय नागरिक और नौ बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। NIA इनकी तलाश के साथ-साथ तीनों राज्यों से बरामद सामग्री की जांच आगे बढ़ा रही है।
फिलहाल एजेंसी का ध्यान कथित नेटवर्क के विस्तार, फंडिंग, संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और नए सदस्यों को जोड़ने से जुड़े तथ्यों को स्थापित करने पर है। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।


