New Delhi : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए टेलीविजन कमर्शियल लॉन्च किया गया, एनसीबी की नई वेबसाइट का विमोचन किया गया और लखनऊ व देहरादून में एनसीबी के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी गई। इस दौरान नशे के खिलाफ बेहतर काम करने वाले एएनटीएफ को सम्मानित भी किया गया। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुख और कई विभागों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशा मुक्त भारत का रोडमैप बहुत जरूरी है। देश और दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन चुके नारकोटिक्स पर अब कड़ा और निर्णायक प्रहार करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि 2029 तक भारत से नशे के व्यापार को जड़ से खत्म करने में हम सामूहिक रूप से सफल होंगे। उन्होंने कहा कि न एक ग्राम ड्रग भारत में आने देंगे और न ही भारत के रास्ते एक ग्राम ड्रग बाहर जाने देंगे। इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना है।
अमित शाह ने कहा कि पिछले पांच साल में कश्मीर में आतंकवाद, नॉर्थ ईस्ट में उग्रवाद और नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौतियों पर सफलता मिली है। अब नशे के खिलाफ लड़ाई सबसे कठिन है लेकिन इसे छोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में टारगेट, टाइमलाइन और जवाबदेही तय कर आगे बढ़ रहे हैं। अब मीटिंग से मिशन, रिपोर्टिंग से रिजल्ट, जब्ती से नेटवर्क की समाप्ति और केस से सजा तक जाना है।
उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2026 से 2029 को 35 से ज्यादा विभागों के सुझाव के बाद तैयार किया गया है और यह इस लड़ाई में शामिल सभी लोगों के लिए अहम है। इस डॉक्यूमेंट में चार मुख्य बिंदु हैं जिनमें खुफिया और ऑपरेशन आधारित कार्रवाई, सिंथेटिक ड्रग पर नियंत्रण, मांग में कमी और क्षमता निर्माण शामिल है। इसमें 100 से ज्यादा लक्ष्य तय किए गए हैं। अब तक 46 हजार से ज्यादा नशा मुक्त मित्र पंजीकृत हो चुके हैं जो आने वाले समय में देश के 10 लाख स्कूल, कॉलेज और संस्थानों में जाकर युवाओं को जागरूक करेंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि एएनटीएफ को एंटी नारको मिशन कमांड बनाना होगा और जब्ती केंद्रित सोच की जगह नेटवर्क को ध्वस्त करने पर काम करना होगा। जिले को नशे के खिलाफ लड़ाई की मूल इकाई बनाना होगा। जिलों को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा जिनमें ड्रग बनाने या देश में प्रवेश देने वाले जिले, परिवहन कॉरिडोर वाले जिले और खपत वाले जिले शामिल होंगे। कार्टेल पर तीन स्तर पर प्रहार करना होगा जिसमें एंट्री पॉइंट, अंतरराज्यीय वितरण प्रणाली और जिलों में लोकल सेल का नेटवर्क शामिल है। उन्होंने कहा कि बैकवर्ड फॉरवर्ड जांच के साथ वित्तीय जांच और डिजिटल लिंक ढूंढना प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों को वापस भेजकर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और विदेश में बैठकर सप्लाई करने वाले भगोड़ों को पकड़कर भारत लाया जाएगा। हर एएनटीएफ को सूचना को कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी में बदलने की प्रक्रिया को अपनी कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना होगा।

