Social Harmony Haryana समरसता पहचान मिटाने नहीं, समान सम्मान के साथ समाज और राष्ट्र की एकता मजबूत करने का संस्कार : नायब सिंह सैनी

Social Harmony Haryana समरसता पहचान मिटाने नहीं, समान सम्मान के साथ समाज और राष्ट्र की एकता मजबूत करने का संस्कार : नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट :कोमल रमोला

चंडीगढ़, 23 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समरसता कोई एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने का संस्कार है। समरसता का वास्तविक अर्थ अपनी पहचान को मिटाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पहचान का समान सम्मान करते हुए समाज और राष्ट्र की एकता को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इसी समरसता, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाते हुए तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र से प्रेरणा लेकर हरियाणा सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि विकास की योजनाओं और उनके लाभों की पहुंच सबसे पहले उस व्यक्ति तक सुनिश्चित की जाए, जो समाज की पंक्ति में सबसे पीछे खड़ा है।

मुख्यमंत्री रविवार को रेवाड़ी जिला के बावल हल्के में मेघवाल उत्थान समिति के तत्वावधान में आयोजित समस्त अनुसूचित जाति का समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, बावल के विधायक डॉ कृष्ण कुमार, रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव, पूर्व मंत्री डॉ बनवारी लाल सहित आयोजन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।

महापुरुषों ने ज्ञान, समानता और सामाजिक न्याय की राह दिखाकर समाज को नई दिशा दी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां किसी प्रकार के भेदभाव, भय और अन्याय के लिए कोई स्थान न हो। महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले ने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए शिक्षा के द्वार सभी के लिए खोले और विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। इसी क्रम में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना तथा वंचित वर्गों के अधिकारों और समान अवसर के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी महापुरुषों की राह भले अलग-अलग रही हो, लेकिन उनकी मंजिल एक थी—ज्ञान, सम्मान, समानता और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना।

मुख्यमंत्री ने कहा, प्रतिभाओं को मंच मिलता है तो वे अपना प्रभाव अवश्य दिखाती हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के सपनों में बाधा न बने। इसी उद्देश्य से 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग, डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 से 12 हजार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति तथा पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को 2,500 से 13,500 रुपये तक शैक्षणिक भत्ता और अनिवार्य फीस की सुविधा दी जा रही है। नौवीं-दसवीं के विद्यार्थियों को 3,500 रुपये तथा छात्रावास में रहने वालों को 7 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है। 9,090 विद्यार्थियों को 3 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त साइकिलें तथा कक्षा पहली से आठवीं तक के 4.02 लाख विद्यार्थियों को 44.18 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। उन्होंने बताया कि मिशन बुनियाद के तहत करीब 400 बच्चों को डिजिटल कोचिंग दी गई, जिनमें 272 बच्चों का चयन आईआईटी जैसे संस्थानों और 61 बच्चों का नीट में हुआ। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को मंच मिलता है तो वे अपना प्रभाव अवश्य दिखाती हैं।

हरियाणा में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को दिया जा रहा बढ़ावा : श्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद वर्गों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये की सहायता दी जाती है और पिछले 11 वर्षों में इसके तहत 1,200 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। वहीं, पिछले 18 माह में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख बहनों के खातों में 2,042 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं। योजना के विस्तार के लिए सितंबर माह में पंजीकरण पोर्टल खोला जाएगा, जिसमें 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की बहनें आवेदन कर सकेंगी। गरीब परिवारों की माताओं-बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना के तहत भी अब तक 300 करोड़ रुपये की राशि खातों में भेजी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने मेघवाल उत्थान समिति की सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन, 31 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मेघवाल उत्थान समिति द्वारा रखी गई सभी 10 मांगों को स्वीकार करते हुए कहा कि इन्हें आवश्यक स्वीकृति के लिए संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। उन्होंने रेवाड़ी और बावल में धर्मशाला निर्माण की मांग पर कहा कि समिति स्थान चिन्हित कर ले, सरकार की ओर से नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पंचायत में पुस्तकालय स्थापित करने का सरकार का लक्ष्य है और प्रदेश में अब तक करीब 1,000 पुस्तकालय खोले जा चुके हैं, जल्द ही सभी गांवों तक इस योजना का विस्तार किया जाएगा, ताकि बच्चों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूर न जाना पड़े। उन्होंने इस अवसर पर मेघवाल उत्थान समिति को 31 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की।

अहीरवाल में विकास की तस्वीर बदली, हर वर्ग तक पहुंचा विकास : राव नरबीर सिंह

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद अहीरवाल क्षेत्र में विकास की तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। पहले विकास और रोजगार कुछ क्षेत्रों तक सीमित रहने की शिकायतें थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ पूरे प्रदेश में समान विकास को गति दी। उन्होंने कहा कि आज अहीरवाल क्षेत्र में सड़क, रोजगार और अन्य विकास कार्यों में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है।

राव ने कहा, मुख्यमंत्री का सहज और मिलनसार स्वभाव उन्हें बनाता है जनप्रिय

राव नरबीर सिंह ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के सहज, सरल और मिलनसार स्वभाव की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद आमजन के बीच पहुंचने और उनकी बात सुनने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है और वे हर व्यक्ति से सहजता से मिलकर उसकी समस्या का समाधान करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि देर रात तक भी लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचते हैं तो वे उनकी बात सुनते हैं और समाधान का प्रयास करते हैं।

बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात कर समरस समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही हरियाणा सरकार : बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार

आयोजन को संबोधित करते हुए बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने शिक्षा, संगठन और आत्मसम्मान को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए संविधान के माध्यम से देश को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के महान आदर्श दिए। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी और संत कबीर जी ने भी समाज को ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर भाईचारे तथा समरसता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार और बाबा साहेब के समानता के सिद्धांत का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना था। इन्हीं महान विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार समरस समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 411 युवा प्रतिभाओं को किया सम्मानित, उपलब्धियों के लिए बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री ने अनुसूचित एवं सामाजिक समरसता प्रतिभा सम्मान समारोह में मेघवाल समाज की 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इन होनहार विद्यार्थियों ने शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कुछ प्रतिभाओं को मंच पर मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य अतिथियों के आगमन पर मेघवाल उत्थान समिति के प्रधान वेद प्रकाश एवं भूपेंद्र मेघवाल ने उनका स्वागत किया।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, पूर्व मंत्री चौधरी जसवंत सिंह, सफाई आयोग चेयरमैन कृष्ण कुमार सहित गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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