National Padayatra: संविधान दिवस से शुरू होगी ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’, 11 दिन की राष्ट्रीय पदयात्रा में शामिल होंगे हजारों युवा और गणमान्य नेता
नई दिल्ली, 25 नवंबर 2025: लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ का शुभारंभ संविधान दिवस यानी 26 नवंबर से किया जाएगा। यह पदयात्रा सरदार पटेल के आदर्शों और उनकी सामाजिक एकता की भावना को आम जनता, विशेषकर युवाओं तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
केंद्रीय श्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया कि यह पदयात्रा गुजरात के करमसद स्थित सरदार पटेल के पैतृक निवास से शुरू होगी। इसके बाद वल्लभ विद्यानगर के शास्त्री मैदान में ‘सरदार सभा’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रमुख नेता, विद्वान और युवा प्रतिनिधि सरदार पटेल की प्रासंगिकता, उनके योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनके आदर्शों पर प्रकाश डालेंगे। पदयात्रा 6 दिसंबर को केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर समाप्त होगी। कुल 11 दिन चलने वाली इस यात्रा में प्रतिभागियों को 180 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी, जिसमें प्रतिदिन लगभग 15 से 18 किलोमीटर पैदल चलना शामिल है।
राष्ट्रीय पदयात्रा की शुरुआत कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में होगी। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री निमूबेन बांभणिया, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, जगदीश भाई विश्वकर्मा और रमनभाई सोलंकी शामिल होंगे। इसके साथ ही पैरालंपिक पदक विजेता, पूर्व क्रिकेटर और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक तथा हजारों उत्साही युवा भी इस मार्च में शामिल होंगे।
पहले दिन का मार्ग सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, शहीद चौक, भाईकाका सर्कल, टाउन हॉल सर्कल, बोरसाद चोकड़ी, जितोदिया रोड और अंधारिया चोकड़ी से होकर गुजरेगा और नवली में समाप्त होगा। नवली में शाम को स्थानीय परफॉर्मेंस, डांस, लोक कलाएं और कम्युनिटी एंगेजमेंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो सरदार पटेल के मूल्यों और गुजरात की सांस्कृतिक पहचान के बीच एक जुड़ा हुआ पुल बनाएंगे।
इस यात्रा के दौरान 150 थीम वाले स्टॉप पर प्रदर्शनी, लोकल कारीगरी, सरकारी योजनाओं की जानकारी और ‘माई भारत’ के वॉलंटियर्स के इंटरैक्टिव सेशन होंगे। रोजाना ‘सरदार गाथा’ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें सरदार पटेल के जीवन की प्रेरक कहानियों के माध्यम से ऐतिहासिक सोच और नागरिक जिम्मेदारी को जोड़ा जाएगा। ग्राम सभाओं, स्वच्छता अभियान, ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल और अन्य जागरूकता गतिविधियों के जरिए समुदाय की भागीदारी और स्वदेशी सिद्धांतों को मजबूत किया जाएगा।
यह पदयात्रा न केवल सरदार पटेल की विरासत को उजागर करेगी बल्कि युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और समर्पण की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी।
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