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नई दिल्ली: आईसीजी को मिले ‘अजित’ व ‘अपराजित’, बढ़ेगी समुद्री ताकत 

नई दिल्ली: आईसीजी को मिले 'अजित' व 'अपराजित', बढ़ेगी समुद्री ताकत 
नई दिल्ली: -दो तीव्र गश्ती पोतों से देश की तटीय सुरक्षा को मिला रणनीतिक बढ़ावा

नई दिल्ली, 24 अक्तूबर : भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मेसर्स गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) में दो उन्नत तीव्र गति वाले गश्ती पोतों (एफपीवी), ‘अजित’ और ‘अपराजित’ का जलावतरण शुक्रवार को अथर्ववेद के मंत्रोच्चार के साथ अरब सागर में किया गया। ये पोत जीएसएल द्वारा तटरक्षक बल के लिए निर्मित आठ पोतों की श्रृंखला में 7वें और 8वें पोत हैं।

इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय के वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएं) डॉ. मयंक शर्मा और मंजू शर्मा के साथ आईजी भीष्म शर्मा और आईसीजी व जीएसएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शर्मा ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह परियोजना स्वदेशी नवाचार की शक्ति को प्रदर्शित करती है और स्थानीय उद्योग, रोजगार सृजन और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

ये जहाज 52 मीटर लंबाई और 320 टन विस्थापन के साथ भारत में इस श्रेणी के लिए अपनी तरह के पहले, कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (सीपीपी) से सुसज्जित हैं। इन फुर्तीले प्लेटफार्मों को मत्स्य संरक्षण, तटीय निगरानी, तस्करी-रोधी, समुद्री डकैती-रोधी और खोज एवं बचाव कार्यों, विशेष रूप से भारत के द्वीपीय क्षेत्रों और विशेष आर्थिक क्षेत्र के आसपास, के लिए तैनात किया जाएगा।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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