मिश्रित भूमि व डाटा सेंटर पार्क में लग सकेंगी बड़ी इकाइयां

अमर सैनी

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मिश्रित भूमि भूखंड व डाटा पार्क के 13 भूखंडों पर बड़ी इकाइयां विकसित करने की बाधा दूर हो गई है। सात महीने से प्राधिकरण साक्षात्कार के जरिए भूखंड आवंटन के लिए शासन को पत्र भेज रहा था। अब शासन ने नियम में बदलाव को हरी झंडी दे दी है। इन भूखंडों पर बोल्ट, मदरसन जैसी बड़ी कंपनियां अपनी इकाइयां विकसित करेंगी।

प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल जनवरी में मिश्रित भूमि व डाटा पार्क श्रेणी के भूखंडों की योजना जारी की गई थी। इस योजना में मिश्रित भूमि श्रेणी के आठ भूखंड और डाटा पार्क के लिए दस-दस एकड़ के पांच भूखंड आवेदकों के साक्षात्कार के जरिए आवंटित किए जाने थे। पांच फरवरी को औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के पत्र के बाद आवंटन अटक गया था। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा साक्षात्कार के जरिए आवंटन नीति को मंजूरी मिलने तक औद्योगिक भूखंडों के लिए साक्षात्कार पर रोक लगा दी थी और आवंटन ई-नीलामी के जरिए ही करने के निर्देश दिए थे। प्राधिकरण ने योजना के ब्रोशर में लिखा था कि आवंटन साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। इसके चलते दोनों श्रेणियों में भूखंडों का आवंटन लंबित है। प्राधिकरण पिछले सात महीने से साक्षात्कार के माध्यम से भूखंड आवंटन की अनुमति के लिए शासन से पत्राचार कर रहा था। प्राधिकरण नियमों में बदलाव होने तक औद्योगिक भूखंडों के लिए नई योजना लाने से भी बच रहा था, लेकिन अब शासन की अनुमति के बाद सभी बाधाएं दूर हो गई हैं।

कोट
यमुना के मिक्स लैंड और डाटा सेंटर पार्क में बड़ी कंपनियां बनने का रास्ता साफ हो गया है। सात महीने से रुके इन प्लॉटों का आवंटन अब साक्षात्कार के माध्यम से होगा।
– डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण

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