Mathura : मथुरा के गिरिराज परिक्रमा मार्ग में स्थित राधाकुंड, श्यामकुंड और अष्टसखी कुंड अब नए स्वरूप में नजर आएंगे। ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इन पवित्र कुंडों के जीर्णोद्धार का काम रविवार को विधि विधान से भूमि पूजन के साथ शुरू हो गया। टाटा फाउंडेशन के सहयोग से इन तीनों कुंडों के विकास पर 12.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रविवार को राधाकुंड स्थित मीरा मनोरंजन धर्मशाला में सर्वपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि ये कुंड केवल जलस्रोत नहीं बल्कि ब्रज की प्राचीन परंपराओं और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक हैं। इनके संरक्षण से ब्रज की आध्यात्मिक पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि हार्टफुलनेस संस्था के माध्यम से कुंडों में डी वाटरिंग, डी सिल्टिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा, साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी।
क्षेत्रीय विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ब्रज तीर्थ विकास परिषद का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों श्रद्धालु राधाकुंड और श्यामकुंड में स्नान और परिक्रमा के लिए आते हैं, इसलिए इनके संरक्षण की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। श्री पाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के पीठाधीश्वर महंत केशव दास महाराज ने कुंडों के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण को ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर के लिए जरूरी बताया।
ईको रेस्टोरेशन प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और टाटा फाउंडेशन के बीच पिछले दो साल से कुंडों के विकास को लेकर बातचीत चल रही थी। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप गोवर्धन क्षेत्र के इन तीनों कुंडों के लिए 12.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विकास कार्य हार्टफुलनेस कराएगी जबकि निगरानी ब्रज तीर्थ विकास परिषद करेगी। समन्वय के लिए इस्कॉन से जुड़ी और बरसाना क्षेत्र में सात कुंडों पर कार्य कर रही हरनीत हरिहरन सहयोग करेंगी।
बैठक के बाद भूमि पूजन के साथ कार्य का शुभारंभ किया गया। पूजन में उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह, जिलाधिकारी सीपी सिंह, परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन, एडीएम प्रशासन डॉ अमरेश कुमार, चेयरमैन रामफल मुंशी, एसडीएम सलोनी गौतम और ईओ कल्पना वाजपेयी सहित हार्टफुलनेस का दो दर्जन सदस्यों वाला तकनीकी दल मौजूद रहा। आचार्य ब्रज किशोर गोस्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। इस मौके पर हार्टफुलनेस की ओर से स्वच्छता पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया जिसमें लोगों को कुंडों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।


