Mathura : मथुरा के गोवर्धन स्थित शंकराचार्य आश्रम में शनिवार को धर्म और शिक्षा जगत से जुड़ी अहम मुलाकात हुई। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मदन मोहन झा ने आश्रम पहुंचकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ महाराज से शिष्टाचार भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों के बीच सनातन संस्कृति, गुरुकुल परंपरा और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

पत्रकारों से बातचीत में कुलपति प्रोफेसर मदन मोहन झा ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद जी महाराज से जब भी भेंट होती है तो नई ऊर्जा और दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य महाराज युवाओं, विशेषकर आज की जेन-जी पीढ़ी को सनातन मूल्यों और धार्मिक महत्व से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, जिसके दूरगामी परिणाम भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान के लिए सार्थक सिद्ध होंगे।
प्रोफेसर झा ने चित्रकूट में शंकराचार्य महाराज द्वारा स्थापित किए जा रहे गुरुकुल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस गुरुकुल से देश को ऐसे विद्वान मिलेंगे जो सनातन धर्म की नींव को मजबूत करेंगे और अखंड भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भेंट के दौरान प्रोफेसर झा ने गोवर्धन मठ पुरी पीठ के 144वें शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने वर्तमान शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज से मार्गदर्शन प्राप्त कर आशीर्वाद लिया और उन्हें राजस्थान आने का आमंत्रण भी दिया।


