Lucknow : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आज वो अखिलेश यादव सनातन की बात कर रहे हैं जिनकी राजनीति का आधार ही तुष्टीकरण है। उन्होंने कहा कि सपा राज में काशी, मथुरा और अयोध्या को नजरअंदाज किया जाता था। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव को सबसे पहले बनारस के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। ये वही सपा है जिसने वाराणसी में हुए सीरियल ब्लास्ट के आतंकियों का मुकदमा वापस लेने की पैरवी की थी।
‘कृष्ण जन्मभूमि पर अपना स्टैंड क्लियर करें अखिलेश’
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव बनारस गए तो काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन का साहस क्यों नहीं जुटा सके? उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव में हिम्मत है तो कृष्ण जन्मभूमि पर अपना रुख स्पष्ट करें। एक बार कहने का साहस जुटाएं कि वो चाहते हैं कि मथुरा में शाही मस्जिद के स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनना चाहिए।
‘आतंकियों के पैरोकार हैं अखिलेश यादव’
अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि सपा ने सरकार में रहते हुए बनारस कचहरी और संकट मोचन मंदिर में हुए सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों के मुकदमे वापस लेने की पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि काशीवासी ये कैसे भूल सकते हैं कि ये वही सपा है जिसने ज्ञानवापी में पूजा बंद कराई थी। अखिलेश यादव के मन में न भोलेनाथ हैं, न कृष्ण और न राम। वे औरंगजेब और बाबर के पैरोकार हैं और सनातन विरोधी हैं।
अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि आज योगी राज में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का विकास हो रहा है। उत्तर प्रदेश में टेंपल इकोनॉमी की चर्चा हो रही है। काशी कॉरिडोर बनने के बाद वहां से बड़े पैमाने पर राजस्व आ रहा है। मथुरा, अयोध्या और विंध्याचल में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।





