Kashmir Protest: पाकिस्तान में शिया मस्जिद विस्फोट के खिलाफ कश्मीर में सड़कों पर उतरा शिया समुदाय
रिपोर्ट: रवि डालमिया
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती विस्फोट के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में गहरा आक्रोश देखने को मिला। इस अमानवीय हमले के विरोध में श्रीनगर जिले में डल लेक के पास निशांत गार्डन इलाके में शिया समुदाय की महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरीं, हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में गुस्से और शोक का माहौल दिखाई दिया।
यह प्रदर्शन उस आत्मघाती हमले के विरोध में किया गया, जिसमें पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक शिया मस्जिद को निशाना बनाया गया था। हमले के वक्त जुमे की नमाज के लिए करीब 700 लोग मस्जिद परिसर में मौजूद थे। दोपहर के समय हुए इस विस्फोट में कम से कम 70 नमाजियों की मौत हो गई, जबकि 120 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना ने न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि पूरे क्षेत्र के शिया समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
श्रीनगर में प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि वे इस जुलूस के माध्यम से न केवल मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट कर रही हैं, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देना चाहती हैं कि धर्मस्थलों पर होने वाली हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कोई व्यक्ति मस्जिद में नमाज अदा कर रहे लोगों के बीच जाकर इस तरह का आत्मघाती हमला कैसे कर सकता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रार्थना के दौरान बच्चों, महिलाओं और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है।
महिलाओं ने इस हमले को पूरी तरह अमानवीय बताते हुए कहा कि किसी भी धर्म या विचारधारा में इस तरह की हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में डर और नफरत फैलाने का काम करती हैं और शांति व भाईचारे को गहरा नुकसान पहुंचाती हैं। प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की गई।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि इस्लाम अमन और इंसानियत का संदेश देता है, लेकिन इस तरह के आतंकी हमले उस संदेश को बदनाम करते हैं। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान में शिया समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस प्रदर्शन के जरिए कश्मीर के शिया समुदाय ने साफ कर दिया कि वे आतंक और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं और हर स्तर पर इसका विरोध करते रहेंगे।


