Independence Day: लाल किले से पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिखेगा युवा शक्ति और विकसित भारत का संदेश
नई दिल्ली, 10 अगस्त: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस बार लाल किले में होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की ऐतिहासिक विरासत और विकसित भारत के भविष्य के संकल्प का अनूठा संगम पेश करेगा। 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद देश को संबोधित करेंगे।
इस वर्ष के समारोह में देश की युवा शक्ति, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें युवा इनोवेटर, स्टार्टअप से जुड़े लोग, किसान, कारीगर, महिला उद्यमी, वैज्ञानिक, सफाईकर्मी, अस्पतालों के कर्मचारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल होंगे।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में समारोह में विशेष आयोजन किया जाएगा। इस दौरान करीब 2,500 एनसीसी कैडेट और माई भारत स्वयंसेवक ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। यह प्रस्तुति देश के युवाओं की भागीदारी और राष्ट्रीय भावना को प्रदर्शित करेगी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी विशेष महत्व दिया गया है। देशभर से 19 अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड पदक विजेता छात्रों को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। इन विद्यार्थियों की उपलब्धियों को देश की युवा प्रतिभा और ज्ञान आधारित विकास की मिसाल के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
समारोह का प्रभाव केवल लाल किले तक सीमित नहीं रहेगा। देशभर में 343 स्थानों पर सैन्य बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाकर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे। इस आयोजन के जरिए स्वतंत्रता दिवस को देश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस बार का समारोह भारत की स्वतंत्रता की ऐतिहासिक यात्रा के साथ-साथ आने वाले वर्षों के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी रेखांकित करेगा। युवा प्रतिभाओं, किसानों, महिलाओं, वैज्ञानिकों, कारीगरों और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में शामिल करना इस बात को दर्शाता है कि राष्ट्र निर्माण में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाले इस गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा यह आयोजन ऐतिहासिक महत्व रखता है।
प्रधानमंत्री के संबोधन के साथ देश की उपलब्धियों, वर्तमान प्राथमिकताओं और भविष्य के संकल्पों का संदेश भी सामने आएगा। 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह भारत की विरासत, युवा ऊर्जा और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ते देश की तस्वीर प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
