Illegal Mining: ग्रेटर नोएडा में अवैध मिट्टी खनन से ग्रामीण परेशान, डीसीपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग
ग्रेटर नोएडा। रामपुर खादर गांव में कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को डीसीपी रवि शंकर निम से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कई दिनों से जेसीबी मशीनों और डंपरों के जरिए दिन-रात मिट्टी का खनन किया जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से गांव के रास्ते खराब हो गए हैं और बिजली के खंभे को भी नुकसान पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दर्जनों ग्रामीणों ने डीसीपी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि रामपुर खादर गांव में करीब आधा दर्जन जेसीबी मशीनों और दर्जनों डंपरों की मदद से मिट्टी की खुदाई और ढुलाई की जा रही है। उनका आरोप है कि यह गतिविधि कई दिनों से लगातार चल रही है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, मिट्टी से भरे भारी डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण गांव के रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे ग्रामीणों के आवागमन में दिक्कत हो रही है। उनका कहना है कि भारी वाहनों के कारण गांव की सड़कों की स्थिति खराब हो गई है और लोगों को रोजाना आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मिट्टी से लदे एक वाहन ने बिजली के खंभे को टक्कर मारकर तोड़ दिया था। इसके चलते गांव में करीब दो दिनों तक बिजली संकट बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि खनन और परिवहन में लगे वाहनों की लापरवाही से सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायत में ग्रामीणों ने बिना नंबर प्लेट वाले डंपरों की आवाजाही का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि कई डंपर बिना नंबर प्लेट के तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने मांग की कि इन वाहनों की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस चौकी के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गांव में कथित अवैध खनन किसकी अनुमति से हो रहा है और इसे रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
डीसीपी रवि शंकर निम ने ग्रामीणों को शिकायत पर जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि खनन विभाग के साथ मिलकर मामले की जांच की जाएगी और अवैध खनन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों को अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। मामले में खनन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गांव में हो रही गतिविधियां नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।


