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Himachal Health: हिमाचल के आठ अस्पतालों में लगेंगी 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें, पांच अस्पतालों में शुरू होगी डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा

Himachal Health: हिमाचल के आठ अस्पतालों में लगेंगी 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें, पांच अस्पतालों में शुरू होगी डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के जिला अस्पतालों और सभी सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और आम लोगों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला तथा पालमपुर में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन अत्याधुनिक मशीनों के लगने से मरीजों को सटीक और तेज जांच की सुविधा मिलेगी तथा गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें भी स्थापित की जा रही हैं। इन मशीनों के माध्यम से न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, कैंसर और अन्य जटिल बीमारियों की जांच पहले से अधिक सटीक और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।

महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने पांच प्रमुख अस्पतालों में डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, सोलन तथा धर्मशाला में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। इससे स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव हो सकेगी और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है। इनमें से 14 मशीनें पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं। इन पोर्टेबल मशीनों का उपयोग विशेष रूप से छाती की जांच और टीबी जैसी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान के लिए किया जाएगा, जिससे मरीजों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक 256-स्लाइस हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें भी स्थापित की जाएंगी। यह मशीनें अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना, आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में लगाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर और आधुनिक जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद एम्स, नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप की जाए। उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेडियोलॉजी विभागों को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की भर्ती की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और जल्द ही प्रदेश के सभी सात सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की खरीद प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। सरकार आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर स्वास्थ्य अधोसंरचना के माध्यम से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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