Haryana Sports: हर प्रतिभा को मंच और हर सपने को उड़ान देना हमारा संकल्प, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Haryana Sports: हर प्रतिभा को मंच और हर सपने को उड़ान देना हमारा संकल्प, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट : कोमल रमोला

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत उसका साहस और आत्मविश्वास होता है। जब हौसले मजबूत हों तो कोई भी शारीरिक या सामाजिक बाधा सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मंच मिले और हर सपने को उड़ान दी जाए। मुख्यमंत्री यह बात गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम के क्रिकेट ग्राउंड में नागेश ट्रॉफी दृष्टिबाधित राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता (पुरुष) के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में विशेष खेल ढांचा विकसित किया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि दृष्टिबाधित और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग से विशेष खेल सुविधाएं और स्टेडियम विकसित किए जाएंगे, ताकि वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए 21 लाख रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की।

कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम और पटौदी से विधायक विमला चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पहले टी-20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप की विजेता भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम का अभिनंदन किया और खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला टीम ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर देश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि देशभर के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, संकल्प, साहस और समान अवसरों का उत्सव है। दृष्टिबाधित खिलाड़ी यह साबित कर रहे हैं कि सफलता के लिए आंखों की रोशनी नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि देश में वर्ष 1990 से दृष्टिबाधित क्रिकेट खेला जा रहा है और नागेश ट्रॉफी का आयोजन सीएबीआई के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय एस.पी. नागेश की स्मृति में किया जाता है।

नागेश ट्रॉफी के आठवें संस्करण में देश के 29 राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं और कुल 73 मुकाबले खेले जाएंगे। इस प्रतियोगिता से चयनित 17 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी वर्ष 2026-27 में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर काम कर रही है, जिसमें दिव्यांगजन और खिलाड़ी सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में खेल सुविधाओं के विकास पर 989 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट 275 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 602 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। ‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ के तहत 550 नए पद सृजित किए गए हैं, जिनमें से 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा पंचकूला में खिलाड़ियों के इलाज और पुनर्वास के लिए अत्याधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है।

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से समाज को नई दिशा दिखा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार खिलाड़ियों को हर संभव संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान अंडर-19 खिलाड़ी तेजस्विनी यादव ने बीसीसीआई से प्राप्त धनराशि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम को भेंट कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। इसके बाद कर्नाटक और हरियाणा की टीमों के बीच एक प्रदर्शनी मैच खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने दर्शकों का खूब दिल जीता।

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