Hapur News : हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में एक ग्रामीण चिकित्सक की संदिग्ध हालत में मौत के बाद पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के पुत्र ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि एक मरीज की मौत को लेकर आरोपी पक्ष गलत उपचार का आरोप लगाकर रुपये की मांग कर रहा था और लगातार धमकी दे रहा था।
परिजनों ने बताया कि कुंवरपाल सिंह 19 सितंबर को सुबह लगभग आठ बजे बाइक लेकर घर से निकले थे। देर शाम तक घर न लौटने पर तलाश की गई तो उनका फोन भी बंद मिला। अगले दिन 20 सितंबर की सुबह जब परिजन खेत पर पहुंचे तो गन्ने के खेत के बाहर उनकी बाइक और हेलमेट पड़ा मिला और अंदर वह अचेत अवस्था में पड़े मिले। मौके से एक मोबाइल फोन, एक लिखा हुआ पत्र और सल्फास के खाली पैकेट मिले हैं।
परिवार के अनुसार बीते 7 जुलाई को गांव के जयवीर नाम के व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे कुंवरपाल के यहां उपचार के लिए लाया गया था। उपचार के दौरान या उसके कुछ देर बाद जयवीर की मृत्यु हो गई। आरोप है कि इसके बाद से ही उसके परिजन जिनमें सिपाही रूपचंद्र, भूपेंद्र, वीरसिंह, आकाश, विकास तथा मेरठ के नरहेड़ा गांव के रहने वाले शशि, प्रमोद और विनोद शामिल हैं, लगातार मोटी रकम की मांग करने लगे। आर्थिक तंगी के बावजूद वे दबाव बनाते रहे और सीएमओ कार्यालय सहित कई जगहों पर शिकायतें भी कीं। इसी मानसिक दबाव से परेशान होकर कुंवरपाल ने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
इस मामले में बाबूगढ़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार का कहना है कि बेटे की शिकायत पर आठ नामजद लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है। मौके से मिला पत्र कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


