Gujarat : ‘जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट’ के अंतर्गत 1.10 लाख से अधिक MSME इकाइयों के रजिस्ट्रेशन के साथ गुजरात देश में अग्रणी

Gujarat News (अभिषेक बारड) : लघु उद्योग रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, यानी लघु उद्योग देश के आर्थिक विकास की नींव हैं। इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा हर वर्ष 30 अगस्त को ‘राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने तथा युवाओं को अधिक रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके परिणामस्वरूप राज्य में वर्ष 2021-25 से पिछले पाँच वर्षों में लगभग ₹86,418 करोड़ का पूंजी निवेश तथा 3.98 लाख से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 1.69 लाख से अधिक क्लेम आवेदनों के संदर्भ में ₹7,300 करोड़ से अधिक की सहायता भी वितरित की गई है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात ने लघु उद्योगों के विकास हेतु विभिन्न नीतियों, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और मार्केटिंग सपोर्ट के माध्यम से मजबूत वातावरण तैयार किया है। इसी के अनुरूप उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत और राज्य उद्योग मंत्री जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2024-25 में गुजरात में ₹42,774 करोड़ से अधिक के निवेश द्वारा 1.65 लाख से अधिक नए रोजगार का सृजन हुआ है। इसके अलावा राज्य सरकार ने 21,000 से अधिक इकाइयों को लगभग ₹958 करोड़ की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है।

‘जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट’ (ZED) के अंतर्गत राज्य की लगभग 1.10 लाख MSME इकाइयों का रजिस्ट्रेशन हुआ है तथा 66,000 से अधिक इकाइयों ने ZED प्रमाणपत्र प्राप्त किया है, जिससे गुजरात ने देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। ZED रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेशन और वाइब्रेंट गुजरात जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से गुजरात देश के MSME क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। साथ ही, राज्य में पिछले तीन वर्षों में लगभग 17.39 लाख उद्यम रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 2.91 लाख से अधिक महिला उद्यमियों की भागीदारी दर्ज की गई है।

उद्योगों के विकास हेतु विभिन्न सरकारी पहल:

राज्य सरकार द्वारा गत वित्तीय वर्ष में ₹27.50 लाख की सहायता से लगभग 238 सेमिनार-वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से हजारों उद्यमियों, विद्यार्थियों और रोजगार इच्छुक युवाओं को प्रेरणा मिली।

राज्य में विभिन्न क्षेत्रों के क्लस्टर विकास हेतु ₹4.5 करोड़ तथा मार्केटिंग डेवलपमेंट सहायता योजना के अंतर्गत 1,511 इकाइयों को ₹26.38 करोड़ यानी कुल ₹30 करोड़ से अधिक का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया गया। इसके अलावा, विलंबित भुगतान के मामलों के शीघ्र निपटारे हेतु अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भावनगर, वडोदरा और कच्छ – कुल 6 रीजनल MSEFC काउंसिल का गठन भी किया गया है।

वर्ष 2023 में राज्य के 32 जिलों में छोटे स्थानीय स्तर के उद्योगों की भागीदारी और विकास के उद्देश्य से “वाइब्रेंट गुजरात वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट” महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस महोत्सव में लगभग 2.70 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लिया, जिसमें 2,600 से अधिक इकाइयों द्वारा MoU भी किए गए।

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