Greater Noida West: एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अवैध दुकानों पर कार्रवाई के आदेश, लंबे समय से मांग कर रहे निवासियों में खुशी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी परिसर में नियमों के खिलाफ बनाई गई दुकानों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। प्राधिकरण के इस कदम से सोसाइटी के निवासियों ने खुशी जताई है। निवासी और वेलफेयर एसोसिएशन काफी समय से इन दुकानों के खिलाफ शिकायत कर उन्हें हटाने की मांग कर रहे थे।
एम्स ग्रीन एवेन्यू वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एके कौशिक ने बताया कि सोसाइटी परिसर में बनाई गई दुकानों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। एसोसिएशन की ओर से इस मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को लगातार शिकायतें दी जा रही थीं।
एसोसिएशन का आरोप है कि ये दुकानें निर्धारित नियमों के खिलाफ बनाई गई हैं। परिसर में इनके संचालन और मौजूदगी के कारण सोसाइटी में रहने वाले लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
निवासियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाया और दुकानों के निर्माण तथा उनकी वैधता की जांच कराने की मांग की। साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इन्हें हटाने के लिए कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
एके कौशिक के मुताबिक एसोसिएशन लगातार प्राधिकरण के अधिकारियों के संपर्क में थी। शिकायतों के माध्यम से सोसाइटी परिसर की स्थिति और निवासियों को हो रही परेशानियों की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई गई।
लगातार शिकायतों के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से इन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। आदेश जारी होने की जानकारी मिलने के बाद सोसाइटी के निवासियों ने इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
निवासियों को उम्मीद है कि आदेश के बाद प्राधिकरण की संबंधित टीम जल्द मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई करेगी। लोगों का कहना है कि दुकानों को हटाए जाने से सोसाइटी परिसर की व्यवस्था बेहतर होगी और उन्हें हो रही समस्याओं से राहत मिल सकेगी।
वेलफेयर एसोसिएशन ने भी प्राधिकरण के फैसले का स्वागत किया है। एसोसिएशन का कहना है कि आवासीय सोसाइटी में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है और किसी भी तरह के अनधिकृत निर्माण के खिलाफ समय पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सोसाइटी के लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मामले के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई के आदेश जारी होने के बाद उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है।


