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Greater Noida Farmers Protest: चार फीसदी आबादी भूखंड की मांग को लेकर 2 सितंबर को पैदल मार्च करेंगे किसान

Greater Noida Farmers Protest: चार फीसदी आबादी भूखंड की मांग को लेकर 2 सितंबर को पैदल मार्च करेंगे किसान

नोएडा। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को शेष चार फीसदी आबादी भूखंड दिए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ग्रेटर नोएडा के घोड़ी बछेड़ा गांव के किसानों ने अपनी मांग को लेकर दो सितंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया है। गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में किसानों ने इसकी जानकारी दी।

किसानों के मुताबिक दो सितंबर को सुबह 10 बजे घोड़ी बछेड़ा स्थित शहीद पार्क से पैदल मार्च की शुरुआत होगी। यहां से किसान शांतिपूर्ण तरीके से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय तक पहुंचेंगे और अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखेंगे।

जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को छह फीसदी आबादी भूखंड देने का प्रावधान रहा है। वहीं, न्यायालय के आदेश के बाद कुछ किसानों को चार फीसदी अतिरिक्त आबादी भूखंड का लाभ भी मिला है। इसी आधार पर अन्य प्रभावित किसान भी शेष चार फीसदी आबादी भूखंड की मांग कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि समान परिस्थितियों में जमीन देने वाले सभी पात्र किसानों को चार फीसदी अतिरिक्त आबादी भूखंड का लाभ मिलना चाहिए। किसान संगठनों की मांग है कि इस मामले में एक समान नीति अपनाई जाए, ताकि किसी भी पात्र किसान को लाभ से वंचित न रहना पड़े।

घोड़ी बछेड़ा के किसानों ने कहा कि चार फीसदी आबादी भूखंड से वंचित किसान अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर स्वयं यह लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका उद्देश्य किसी तरह की अव्यवस्था पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग शासन और प्रशासन तक पहुंचाना है।

किसानों ने पैदल मार्च में जमीन अधिग्रहण से प्रभावित और चार फीसदी आबादी भूखंड के लाभ से वंचित किसानों से शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांग का समाधान कराने के लिए अब सामूहिक रूप से प्राधिकरण के सामने अपनी बात रखी जाएगी।

प्रेसवार्ता के दौरान किसानों ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के विकास के लिए उन्होंने अपनी जमीन दी है। ऐसे में प्राधिकरण और शासन को किसानों से जुड़े लंबित मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। विशेष रूप से चार फीसदी अतिरिक्त आबादी भूखंड के मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की गई।

दो सितंबर के प्रस्तावित मार्च को लेकर किसान स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मार्च घोड़ी बछेड़ा शहीद पार्क से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा।

प्रेसवार्ता में संतराम प्रधान, भीम सिंह, रूपा सिंह, दयाराम शर्मा और मुखिया समेत अन्य किसान मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि मांग पूरी होने तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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