Greater Noida Death Cases: MBA छात्र समेत तीन लोगों की मौत, परीक्षा और मानसिक तनाव की बात आई सामने; पुलिस जांच में जुटी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा के अलग-अलग इलाकों में बुधवार को एक एमबीए छात्र समेत तीन लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में अलग-अलग कारणों से तनाव की बात सामने आई है। पुलिस तीनों मामलों की परिस्थितियों और मौत के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
नॉलेज पार्क थाना पुलिस के मुताबिक 26 वर्षीय मौर्य पटेल मूलरूप से मेरठ के रहने वाले थे। वह सेक्टर-150 स्थित जेपी अमन सोसाइटी में अपने एक दोस्त के साथ किराए पर रहते थे। मौर्य नोएडा के एक विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे और इसके साथ ऑनलाइन काम भी करते थे।
पुलिस के अनुसार बुधवार को मौर्य पटेल की सोसाइटी की ऊंचाई से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। उनके परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
शुरुआती जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि मौर्य परीक्षा पास नहीं कर पाने को लेकर तनाव में थे। हालांकि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मौत के कारणों को लेकर जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।
एक अन्य मामला सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में सामने आया, जहां 26 वर्षीय आकाश की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक आकाश मूलरूप से झारखंड के हजारीबाग के रहने वाले थे।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आकाश के मानसिक तनाव में होने की जानकारी सामने आई है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
तीसरा मामला कुलेसरा कॉलोनी का है। यहां रहने वाली आंचल की बुधवार को घर में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक आंचल मूलरूप से बिहार के जमुई की रहने वाली थीं और पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं।
प्रारंभिक जानकारी में बीमारी के कारण उनके तनाव में रहने की बात सामने आई है। बुधवार सुबह उनकी मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि तीनों घटनाओं की अलग-अलग जांच की जा रही है। परिजनों और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाने के साथ अन्य उपलब्ध तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।





