Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Global Education नई तकनीक और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ें युवा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Global Education नई तकनीक और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ें युवा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट :कोमल रमोला

चंडीगढ़, 19 अगस्त। हरियाणा को ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच के साथ दुनिया से जोड़ने और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों का विस्तार करने की दिशा में विदेश सहयोग विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को संत कबीर कुटीर में हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित विदेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों ने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए हैं। ऐसे में युवाओं को लगातार सीखते रहने, नई तकनीकों को अपनाने और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच के साथ आगे बढ़ते हुए युवाओं को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की शुरुआत है।

संवाद कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र और महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी मुलाना में पढ़ रहे 14 देशों के विद्यार्थी शामिल हुए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अध्ययन और शोध कार्य को लेकर सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि वे जिस विषय पर शोध कर रहे हैं, उसमें उन्हें क्या नया सीखने को मिला और हरियाणा में उनका अनुभव कैसा रहा। विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए और हरियाणा में शिक्षा, शोध, विश्वविद्यालयों के वातावरण, यहां की संस्कृति और लोगों से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में बताया।

*हरियाणा से मिली शिक्षा और संस्कार जीवनभर साथ रहेंगे : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में विश्वविद्यालय का समय केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होता। इस दौरान प्राप्त शिक्षा, अनुभव और यादें जीवनभर साथ रहती हैं। हरियाणा में शिक्षा प्राप्त कर रहे विदेशी विद्यार्थी जब अपने-अपने देशों में वापस जाएंगे, तो वे यहां के अनुभवों को वहां साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी हरियाणा के ‘ब्रांड एंबेसडर’ की तरह काम कर सकते हैं और अपने देशों में प्रदेश की शिक्षा, संस्कृति तथा यहां मिले अनुभवों की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि हरियाणा से प्राप्त ज्ञान और अनुभवों का लाभ वे अपने देशों के विकास में भी पहुंचाएं।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भूमि है। कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से कर्म का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी मेहनत, निष्ठा और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि हरियाणा में बिताया गया समय, यहां मिली शिक्षा और अनुभव उनके जीवन की ऐसी पूंजी हैं, जिन्हें वे हमेशा अपने साथ लेकर जाएंगे।

*हरियाणा सरकार केवल जी टू जी नहीं, हार्ट टू हार्ट संबंधों में विश्वास रखती है : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार केवल जी टू जी यानी सरकार से सरकार के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्ट टू हार्ट यानी दिल से दिल के जुड़ाव के साथ दुनिया से जुड़ने में विश्वास रखती है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ का संदेश दिया है। उसी को प्रदेश सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में शिक्षा ग्रहण करने आए विदेशी विद्यार्थी यहां केवल डिग्री लेने नहीं आए हैं, बल्कि हरियाणा की संस्कृति, परंपराओं और यहां के लोगों से जुड़ने का अनुभव भी अपने साथ लेकर जाएंगे। इन विद्यार्थियों के माध्यम से ‘पीपल टू पीपल कनेक्ट’ मजबूत होगा और हरियाणा तथा उनके देशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और विश्वास के संबंध और मजबूत होंगे।

*अफ्रीकी देशों के विद्यार्थियों के साथ अफगानिस्तान की छात्रा भी शामिल*

संवाद कार्यक्रम में अफ्रीकी देशों सहित विभिन्न देशों के विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें अफगानिस्तान की एक छात्रा भी शामिल रही, जिसने हरियाणा के एचएयू में पीएचडी पूरी की है, उन्होंने हरियाणा में बिताए 7 साल के अनुभव को सांझा किया, खास बात यह रही कि उनका पूरा संवाद हिन्दी भाषा में रहा। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने शोध एवं अध्ययन के अनुभव साझा किए और बताया कि हरियाणा में रहते हुए उन्हें अपने विषय के साथ-साथ भारतीय और हरियाणवी संस्कृति को समझने का भी अवसर मिला।

*हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए यूके में अध्ययन का नया अवसर*

विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई और शोध के ज्यादा अवसर देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही हरियाणा के विद्यार्थी यूके की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए जा सकेंगे और इस संबंध में कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से हरियाणा के युवाओं को विदेश जाकर नई तकनीक, नए विषयों और पढ़ाई के बेहतर तरीकों को सीखने का मौका मिलेगा। साथ ही, उन्हें आगे चलकर अच्छी नौकरी और बेहतर करियर के अवसर भी मिल सकेंगे। विभाग का प्रयास है कि हरियाणा के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को वैश्विक स्तर पर पढ़ाई और अपने हुनर को आगे बढ़ाने के अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग और एमओयू बढ़ाने पर जोर दिया, इसके लिए वीजा प्रक्रिया को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई और शोध के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, विदेशी विद्यार्थियों के लिए भी हरियाणा को एक बेहतर और आकर्षक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
विदेशी विद्यार्थी बनेंगे हरियाणा के दूत:पवन चौधरी*

विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन चौधरी ने कहा कि 14 देशों के विद्यार्थी हरियाणा में शिक्षा और शोध का अनुभव ले रहे हैं। ये विद्यार्थी अपने-अपने देशों में वापस जाकर हरियाणा के अनुभवों को साझा करेंगे और प्रदेश के दूत के रूप में हरियाणा की सकारात्मक छवि को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग बढ़ने से हरियाणा के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, कौशल विकास, इंटर्नशिप, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर के नए अवसर पैदा होंगे। हरियाणा में अध्ययन कर रहे विदेशी विद्यार्थी केवल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि वे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों के सेतु भी हैं। इनके अनुभवों से हरियाणा की शिक्षा, संस्कृति, कृषि, शोध और विकास मॉडल की सकारात्मक जानकारी दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचेगी।

कार्यक्रम के दौरान विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक श्री अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अजय कुमार, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज, डॉ आशा कवात्रा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रो. दीपक राय, प्रो.संजीव अग्रवाल और डॉ रोशनी, विदेश सहयोग विभाग की संयुक्त निदेशक हिना बिंदलिश सहित विदेशी विद्यार्थी मौजूद थे।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें