FNG Flyover: नोएडा में 12 लेन का फ्लाईओवर दिलाएगा जाम से राहत, करीब तीन लाख लोगों को होगा फायदा

FNG Flyover: नोएडा में 12 लेन का फ्लाईओवर दिलाएगा जाम से राहत, करीब तीन लाख लोगों को होगा फायदा

नोएडा। नोएडा और गाजियाबाद के बीच एफएनजी मार्ग पर छिजारसी में रोजाना लगने वाले भीषण जाम से राहत दिलाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। नोएडा प्राधिकरण यहां 12 लेन का फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित फ्लाईओवर छह-छह लेन के दो हिस्सों में बनाया जाएगा। परियोजना से करीब तीन लाख लोगों को रोजाना के यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

प्राधिकरण ने प्रस्तावित फ्लाईओवर की तकनीकी जांच पूरी कर ली है। अब परियोजना को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। करीब 1,200 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर को छिजारसी चौक के आगे से शुरू कर इंदिरापुरम में सीआईएसएफ ग्राउंड के पास तक ले जाने की योजना है।

प्रस्तावित फ्लाईओवर को एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर से निकाला जाएगा। इस वजह से परियोजना तकनीकी रूप से काफी महत्वपूर्ण होगी। निर्माण शुरू करने से पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना भी आवश्यक होगा।

परियोजना पर करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। फ्लाईओवर बनने से केवल नोएडा और गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि फरीदाबाद की तरफ आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। एफएनजी के जरिए तीनों शहरों के बीच आवागमन को अधिक सुगम बनाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

नोएडा प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह ने बताया कि फ्लाईओवर के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले तीन कंपनियां सोमवार को प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने अपना प्रेजेंटेशन देंगी। इसमें कंपनियां परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता, प्रस्तावित डिजाइन और निर्माण योजना से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करेंगी।

तीनों कंपनियों की ओर से दिए गए प्रस्तावों का प्राधिकरण के अधिकारी परीक्षण करेंगे। तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद फ्लाईओवर की अंतिम डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

छिजारसी में फ्लाईओवर बनाने की योजना पहली बार नहीं बनाई गई है। वर्ष 2013 में भी छिजारसी चौक से एनएच-9 तक फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की गई थी। हालांकि उस समय एनएचएआई से आवश्यक अनापत्ति नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई थी।

इसके बाद एनएच-9 के चौड़ीकरण का काम शुरू होने के कारण फ्लाईओवर की योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब क्षेत्र में तेजी से बढ़ते यातायात और छिजारसी में लगातार गंभीर होती जाम की समस्या को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने परियोजना पर नए सिरे से काम शुरू किया है।

एफएनजी मार्ग नोएडा और गाजियाबाद के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सुबह और शाम के पीक आवर में छिजारसी के आसपास वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। सड़क की मौजूदा क्षमता कम पड़ने और आसपास अतिक्रमण के कारण कई बार वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

प्राधिकरण का मानना है कि 12 लेन का नया फ्लाईओवर तैयार होने से छिजारसी के आसपास यातायात का दबाव काफी कम हो सकेगा। वाहनों को एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के आसपास मौजूद बाधाओं से बचाते हुए सीधे आगे निकालने में मदद मिलेगी।

परियोजना के अंतिम डिजाइन और आवश्यक मंजूरियों के बाद निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। फ्लाईओवर के धरातल पर उतरने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद की तरफ आवाजाही करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एफएनजी पर सफर अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

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