Farmers Protest: यमुना प्राधिकरण पर आंदोलन की तैयारी, आबादी निस्तारण और 10 प्रतिशत भूखंड की मांग
नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की लंबित मांगों को लेकर किसान एकता संघ ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को जेवर के राजपुर गांव में संगठन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों की लंबे समय से लंबित समस्याओं और मांगों पर चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगों के समाधान के लिए जल्द ही यमुना प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोरन प्रधान ने बताया कि किसानों की आबादी निस्तारण, बैकलीज, 10 प्रतिशत भूखंड और वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने सहित कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। किसानों का कहना है कि इन मांगों को लेकर कई बार अधिकारियों के सामने बात रखी गई है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
चौधरी सोरन प्रधान के अनुसार, संगठन अब आंदोलन की तैयारी के लिए गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेगा। इस दौरान किसानों को उनकी लंबित मांगों के बारे में जानकारी देकर आंदोलन के लिए एकजुट किया जाएगा। इसके बाद यमुना प्राधिकरण पर दिन-रात धरना शुरू करने की योजना है।
किसान एकता संघ ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। किसानों का कहना है कि आबादी से जुड़े मामलों के निस्तारण और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड सहित अन्य मांगों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाना जरूरी है। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में वर्ष 2013 के कानून को लागू करने की मांग भी किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल है।
बैठक के दौरान संगठन में कुछ नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। राकेश नागर को प्रदेश सचिव, प्रवीण नागर को जिला उपाध्यक्ष और अर्चना सिंह को महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बनाया गया। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन को गांव स्तर तक मजबूत करने के लिए किसानों के साथ लगातार संपर्क किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता चौधरी बलराज प्रधान ने की, जबकि संचालन पप्पे नागर ने किया। इस दौरान देशराज नागर, श्रीकृष्ण बैंसला, राजसिंह ठेकेदार, जगदीश शर्मा, विक्रम नागर समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


