EPFO Wage Limit: ईपीएफओ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये, 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
रिपोर्ट: अजीत कुमार
नोएडा। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को बढ़ाते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की अनिवार्य वैधानिक वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस संबंध में 17 सितंबर 2026 को राजपत्र अधिसूचना संख्या S.O. 5109(E) जारी की गई।
नई व्यवस्था से देशभर में 51 लाख से अधिक कर्मचारियों के अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज के दायरे में आने की बात कही गई है। गौतमबुद्ध नगर में भी इसका व्यापक असर पड़ेगा और अनुमान के मुताबिक जिले के एक लाख से अधिक कर्मचारी नई वेतन सीमा के दायरे में आ सकते हैं।
नई व्यवस्था के तहत 15 हजार से 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) का अनिवार्य लाभ मिलेगा। इससे ऐसे कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि, पेंशन और जीवन बीमा से जुड़ा सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ेगा।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू है। वहीं, EDLI के अंतर्गत अधिकतम 27 लाख रुपये तक के जीवन बीमा लाभ का प्रावधान बताया गया है। पेंशन योग्य वेतन सीमा बढ़ने से EPS के तहत मिलने वाली दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में भी विस्तार होगा।
ईपीएफओ की वैधानिक वेतन सीमा में इससे पहले सितंबर 2014 में संशोधन किया गया था। सरकार के मुताबिक बीते वर्षों में वेतन, न्यूनतम मजदूरी और जीवन-यापन की लागत में आए बदलाव को देखते हुए नई सीमा निर्धारित की गई है, ताकि अधिक कर्मचारियों को संगठित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाया जा सके।
इस व्यवस्था के लिए अगले पांच वर्षों में अनुमानित केंद्रीय बजटीय सहायता 56,696 करोड़ रुपये बताई गई है। नियोक्ताओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार को कम करने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के तहत पात्र नई नियुक्तियों पर प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है।
ईपीएफओ की डिजिटल सेवाओं को भी विस्तार दिया जा रहा है। CITES तकनीक के माध्यम से पांच लाख रुपये तक के पात्र दावों के स्वतः निपटान की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के दावों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाना है।
नोएडा के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 सुयश पाण्डेय ने भी नई व्यवस्था से संबंधित जानकारी साझा की। प्रतिष्ठानों से संशोधित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ कर्मचारियों को ईपीएफ, पेंशन और बीमा से मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया है।


