End of Life Vehicles: नोएडा में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई, 650 से अधिक वाहन जब्त
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान जारी है। अभियान के तहत अब तक 650 से अधिक एंड ऑफ लाइफ वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इनमें 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन शामिल हैं। जब्त किए गए वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र (आरवीएसएफ) को सौंपा जा रहा है, जहां निर्धारित नियमों के अनुसार स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर निर्धारित नियमों के तहत पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एनसीआर में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है।
परिवहन विभाग के अनुसार निर्धारित आयु पूरी कर चुके प्रतिबंधित वाहनों को सड़कों पर चलाना ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर खड़ा करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इसी को देखते हुए जिले में प्रवर्तन टीमों को सक्रिय किया गया है और अलग-अलग इलाकों में वाहनों की जांच की जा रही है।
परिवहन विभाग की अलग-अलग टीमों ने गौतमबुद्ध नगर के प्रमुख चौराहों, एक्सप्रेसवे और आंतरिक मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान निर्धारित समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों की पहचान की गई। सड़क पर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए कार, एसयूवी और अन्य व्यावसायिक वाहनों को मौके पर ही जब्त करने की कार्रवाई की गई।
विभाग के मुताबिक अब तक अभियान में 650 से अधिक एंड ऑफ लाइफ वाहन जब्त किए जा चुके हैं। कार्रवाई के बाद वाहनों को अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों पर भेजा गया है। इन केंद्रों पर वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रैप किया जा रहा है।
वाहन स्क्रैपिंग की प्रक्रिया के तहत वाहन मालिकों के हितों का भी प्रावधान किया गया है। विभाग के अनुसार आरवीएसएफ को सौंपे गए वाहनों के मालिकों को नियमानुसार निर्धारित स्क्रैप मूल्य दिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट यानी सीओडी भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट का इस्तेमाल नया वाहन खरीदने के दौरान किया जा सकता है। इसके आधार पर वाहन मालिक नियमानुसार रोड टैक्स में मिलने वाली छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा वाहन निर्माता की ओर से स्क्रैपिंग से जुड़े अतिरिक्त लाभ उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में वाहन मालिक उनका भी फायदा उठा सकते हैं।
परिवहन विभाग का यह अभियान जिले में निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों को सड़कों से हटाने और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। विभाग की प्रवर्तन टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।


