Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमाBulandshahr : खुर्जा के डाबर गांव में नकली पनीर की फैक्ट्री पर छापा, 10 क्विंटल माल सीजChandigarh : मेरे घर या अस्पताल से एक भी पैसा बरामद नहीं हुआ; 42 घंटे की रेड के बाद ईडी खाली हाथ लौटी- डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा

दुर्लभ रोगों की दवा को क्लीनिकल ट्रायल से छूट : डीसीजीआई

-भारत के औषधि महानियंत्रक ने पांच श्रेणियों में विदेशी दवा कंपनियों को दी छूट
-भारत के औषधि महानियंत्रक ने पांच श्रेणियों में विदेशी दवा कंपनियों को दी छूट

नई दिल्ली, 8 अगस्त : केंद्र सरकार ने विदेशों से आयात की जाने वाली कुछ दवाओं को टेस्ट और क्लिनिकल ट्रायल से छूट दे दी है। इससे जहां यूरोपियन यूनियन सहित अन्य पश्चिमी देशों से खरीदी जाने वाली दवाओं को भारत में टेस्ट और क्लीनिकल ट्रायल की जरुरत नहीं होगी। वहीं, विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विदेशी कंपनियों की दवाएं तत्काल उपलब्ध हो सकेंगी।

भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह छूट नई औषधि और नैदानिक परीक्षण नियम, 2019 के नियम 101 के अनुसार और केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण, केंद्र सरकार की मंजूरी के साथ दी गई है। यानी विदेशों में विकसित और निर्मित दवाओं का अब भारत में ब्रिज ट्रायल भी नहीं होगा। डीसीजीआई से छूट मिलने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ सहित छह प्रमुख देशों की दवा कंपनियां अपनी दवाएं भारत में क्लिनिकल ट्रायल के बिना बेच सकेंगी।

डीसीजीआई से छूट प्राप्त दवाओं की श्रेणियों में दुर्लभ बीमारियों के लिए ऑर्फन ड्रग्स या औषधियां, जीन एवं सेलुलर थेरेपी उत्पाद, महामारी की स्थिति में उपयोग की जाने वाली नई दवाएं और विशेष रक्षा उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली नई दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा वे नई औषधियां जो वर्तमान मानक देखभाल की तुलना में महत्वपूर्ण चिकित्सीय प्रगति रखती हैं।

दुर्लभ बीमारी एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति होती है जिसका प्रचलन लोगों में प्रायः कम पाया जाता है या सामान्य बीमारियों की तुलना में बहुत कम लोग इन बीमारियों से प्रभावित होते हैं। हालांकि दुर्लभ बीमारियां कम लोगों में पाई जाती हैं परंतु सामूहिक रूप से वे जनसंख्या के काफी बड़े अनुपात को प्रभावित करती हैं। 80 प्रतिशत दुर्लभ बीमारियां मूल रूप से आनुवंशिक होती हैं, इसलिये बच्चों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। भारत में 5.6 करोड़ से 7.2 करोड़ लोग दुर्लभ बीमारियों से प्रभावित हैं।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

संवाददाता

Editor

संबंधित खबरें

पाठकों की राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *