Disaster Mock Exercise: गौतमबुद्ध नगर में आपदाओं से निपटने की बड़ी तैयारी, 18 सितंबर को तीन स्थानों पर होगा अभ्यास
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में भूकंप, आग और औद्योगिक रासायनिक हादसों जैसी बड़ी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 18 सितंबर को राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर आपदा प्रबंधन का अभ्यास किया जाएगा। इसमें अस्पताल में आग लगने, भूकंप और औद्योगिक क्षेत्र में रासायनिक आपदा जैसी परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव एजेंसियों की तैयारियों और आपसी समन्वय को परखा जाएगा।
मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में टेबल टॉप समन्वय बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका ने की। बैठक में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान किसी बड़ी आपदा की स्थिति में विभिन्न सरकारी विभागों और राहत एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने आपातकाल के दौरान संचार व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों और राहत एवं बचाव कार्यों में इस्तेमाल होने वाली व्यवस्थाओं की समीक्षा की। तैयारियों में संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें मॉक एक्सरसाइज से पहले दूर करने पर भी जोर दिया गया।
संबंधित विभागों की आपदा प्रबंधन योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत अधिकारियों और विभागों की जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा हुई, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी भ्रम या देरी के शुरू किए जा सकें। मॉक एक्सरसाइज के दौरान भी अलग-अलग विभागों की निर्धारित जिम्मेदारियों और उनके बीच समन्वय का परीक्षण किया जाएगा।
18 सितंबर को पहला अभ्यास ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा हॉस्पिटल में किया जाएगा। यहां अस्पताल में अचानक आग लगने जैसी स्थिति तैयार कर अग्निशमन और बचाव व्यवस्था को परखा जाएगा। अभ्यास के माध्यम से यह देखा जाएगा कि ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देती हैं।
दूसरा मॉक अभ्यास जेवर क्षेत्र के नीमका स्थित दा रेडिएशन स्कूल में आयोजित किया जाएगा। यहां भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति तैयार की जाएगी। इस दौरान भूकंप आने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा।
तीसरा अभ्यास ग्रेटर नोएडा स्थित हायर एप्लाइंसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में किया जाएगा। इस औद्योगिक इकाई में सीबीआरएन यानी रासायनिक आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा जाएगा। औद्योगिक रासायनिक हादसे की स्थिति में कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने, प्रभावित क्षेत्र को नियंत्रित करने और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल की जांच की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से यह जानना है कि किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में जिले की विभिन्न एजेंसियां कितनी तेजी से सक्रिय होती हैं और उपलब्ध संसाधनों का किस तरह इस्तेमाल किया जाता है। अभ्यास के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर भविष्य की आपदा प्रबंधन तैयारियों को और मजबूत किया जा सकेगा।
समन्वय बैठक में एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार, सहायक निदेशक संदीप कुमार, एसीएमओ पवन कुमार, एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर हेमंत कुमार, आईटीबीपी के इंस्पेक्टर राजीव कुमार शर्मा और जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा उन अस्पताल, स्कूल और औद्योगिक इकाई के प्रबंधकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया, जहां 18 सितंबर को मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जानी है।


