Disaster Mock Drill: गौतमबुद्ध नगर में भूकंप, आग और रासायनिक रिसाव से बचाव का अभ्यास, तीन स्थानों पर हुई मॉक ड्रिल
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में शुक्रवार को भूकंप, आगजनी और रासायनिक रिसाव जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान लोगों और मरीजों की सुरक्षित निकासी, राहत एवं बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार और विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, औद्योगिक इकाइयों और अन्य संबंधित एजेंसियों की तत्परता तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।
जेवर के नीमका स्थित रेडिसन दी स्कूल में भूकंप की स्थिति का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। इस दौरान भूकंप से संभावित नुकसान की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, घायलों को निकालने और राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने का अभ्यास किया गया।
शारदा हॉस्पिटल में आग लगने की आपात स्थिति तैयार कर अग्निशमन और रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास कराया गया। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर आग लगने की स्थिति में मरीजों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया को परखा गया।
दादरी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रासायनिक रिसाव का परिदृश्य तैयार किया गया। अभ्यास के दौरान रिसाव प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने, प्रभावित लोगों को बाहर निकालने, जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने और संबंधित विभागों द्वारा तत्काल कार्रवाई करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन, राहत कार्य, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी, अग्निशमन और घटनास्थल पर त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास किया गया। अलग-अलग एजेंसियों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और आपसी समन्वय को भी परखा गया।
शारदा विश्वविद्यालय परिसर में अस्थायी फील्ड हॉस्पिटल भी तैयार किया गया। अभ्यास के दौरान गंभीर रूप से घायल बताए गए लोगों को फील्ड हॉस्पिटल रेफर कर उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इसके जरिए बड़े हादसे की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध संसाधनों की क्षमता को भी जांचा गया।
अभ्यास के माध्यम से जिले में आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों और मानव शक्ति की प्रभावशीलता का आकलन किया गया। इसके साथ ही तैयारियों में संभावित कमियों की पहचान कर भविष्य में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी जवान और आपदा मित्र समेत विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों की टीमों ने हिस्सा लिया।


