Greater Noida Beta-1 Development: सेक्टर बीटा-1 के विकास कार्यों में तेजी, RWA की अधिकारियों से बैठक; 1-2 माह में काम पूरा कराने का आश्वासन
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में लंबे समय से लंबित बुनियादी समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक की। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम अजीत सिंह और प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात कर सेक्टर में चल रहे तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने प्रमुख कार्यों को अगले एक-दो माह में पूरा कराने के लिए प्रयास तेज करने का आश्वासन दिया।
सेक्टर बीटा-1 की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष संगीता शर्मा, महासचिव हरेन्द्र भाटी, कोषाध्यक्ष विपिन भाटी एडवोकेट और सचिव ओम प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम अजीत सिंह से मुलाकात की। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम विजय रावल, वरिष्ठ प्रबंधक राजेश निम, राजेश गौतम, ज्ञानेंद्र यादव, सौरभ भारद्वाज, मैनेजर संध्या सिंह और स्वतंत्रता वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने अधिकारियों को सेक्टर की विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों की जानकारी दी। बैठक में सुरक्षा, सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट, सफाई, पार्कों के रखरखाव और पेड़-पौधों की छंटाई समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
आरडब्ल्यूए के अनुसार 22 सितंबर को जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सेक्टर बीटा-1 का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सेक्टर की समस्याओं का जायजा लेने के बाद जिलाधिकारी ने प्राधिकरण और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्यों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद एक सप्ताह के भीतर ही सेक्टर में कई विकास कार्यों पर मौके पर काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही पहले से चल रहे कार्यों की रफ्तार में भी तेजी आई है।
सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चारों तरफ बाउंड्री वॉल अथवा एमएस रेलिंग लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की जानकारी अधिकारियों की ओर से दी गई। आरडब्ल्यूए ने इस कार्य को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है।
इसके अलावा वन विभाग की क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल की मरम्मत और नए निर्माण को लेकर भी टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात कही गई। इससे सेक्टर की बाहरी सीमा से जुड़ी सुरक्षा और व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
सेक्टर की सर्विस रोड के निर्माण और मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। अधिकारियों ने आरडब्ल्यूए को भरोसा दिलाया कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा और सड़क से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
बैठक में सेक्टर की दशकों पुरानी सीवर लाइन की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि पुरानी सीवर व्यवस्था के कारण लंबे समय से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक सीवर लाइन की समस्या के समाधान के लिए प्राधिकरण स्तर पर ई-निविदा प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कार्य कराया जाएगा।
सेक्टर में नियमित सफाई और कूड़ा उठाने की व्यवस्था को बेहतर करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने नियमित सफाई के साथ पार्कों के रखरखाव, पेड़-पौधों की छंटाई और सिंचाई के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही।
बैठक में स्ट्रीट लाइट की खराब व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि सेक्टर के कई हिस्सों में पोल-टू-पोल केबल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इसके अलावा कई बिजली के पोल जर्जर हालत में बताए गए। कुछ स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी कम होने और कई जगह लाइट के बॉक्स टूटे होने की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी गई।
आरडब्ल्यूए ने अधिकारियों से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की व्यापक मरम्मत कराने और खराब केबल, पोल तथा लाइट बॉक्स को दुरुस्त कराने की मांग की। अधिकारियों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बैठक के दौरान प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारियों के सकारात्मक रुख पर संतोष जताया। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद सेक्टर में लंबित कार्यों को लेकर अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी है।
आरडब्ल्यूए ने उम्मीद जताई कि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार अगले एक-दो माह में प्रमुख विकास कार्यों को पूरा कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई होगी। इससे सेक्टर बीटा-1 में रहने वाले लोगों को सड़क, सीवर, सफाई, सुरक्षा और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार का लाभ मिल सकेगा।


