Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में जहरीली हुई हवा, CAQM ने लागू किया GRAP-3, निर्माण कार्यों और पुराने वाहनों पर लगे प्रतिबंध

Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में जहरीली हुई हवा, CAQM ने लागू किया GRAP-3, निर्माण कार्यों और पुराने वाहनों पर लगे प्रतिबंध

दिल्ली-NCR की हवा दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है और इससे लोगों में चिंता गहराने लगी है। दीपावली से ऐन पहले राजधानी समेत आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण बेहद खराब स्तर तक जा पहुंचा है। स्थिति को गंभीर मानते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर 2026 को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण, यानी GRAP-3, लागू करने का निर्णय किया। इस चरण में प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों पर कड़ाई होगी और अनेक पाबंदियां प्रभावी होंगी। गैर-जरूरी निर्माण व तोड़फोड़ पर रोक, पुराने उत्सर्जन मानकों वाली गाड़ियों के चलने पर प्रतिबंध और प्रदूषण पर काबू के लिए अतिरिक्त निगरानी इन कदमों में शामिल हैं।

बीते कुछ दिनों से दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिसका असर सीधे आम जनता की सेहत पर पड़ रहा है। जहरीली हवा से सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को हो सकती है। इन्हीं हालात के मद्देनजर CAQM की GRAP उप-समिति ने एहतियात के तौर पर तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने का फैसला किया। आयोग चाहता है कि प्रदूषण के मुख्य स्रोतों पर लगाम लगे और हवा की हालत और न बिगड़े।

GRAP-3 प्रभावी होने के साथ ही दिल्ली-NCR में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक लग गई है। मिट्टी खोदने, पाइलिंग, ट्रेंचिंग, सड़क बनाने और धूल पैदा करने वाली अन्य गतिविधियां इसके दायरे में आती हैं। रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट भी नहीं चल सकेंगे। अलबत्ता, जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कुछ कामों को तय नियमों के तहत छूट मिल सकती है। रेत, सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री की ढुलाई पर भी कड़ी नजर रहेगी। साथ ही स्टोन क्रशर, खनन और स्वच्छ ईंधन न इस्तेमाल करने वाले हॉट मिक्स प्लांट बंद रखने के निर्देश जारी हुए हैं।

गाड़ियों से फैलने वाले प्रदूषण पर अंकुश के लिए भी अहम पाबंदियां लगाई गई हैं। GRAP-3 के अंतर्गत दिल्ली में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल श्रेणी के चारपहिया हल्के मोटर वाहन नहीं चल सकेंगे। तय नियमों के मुताबिक यह रोक दिल्ली और संबंधित NCR जिलों में लागू रहेगी। इसके अलावा दिल्ली में दाखिल होने वाले कुछ श्रेणियों के डीजल मालवाहक वाहनों और अंतरराज्यीय डीजल बसों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। जरूरी सेवाओं और आपात कार्यों में लगे वाहनों को निर्धारित नियमों के तहत छूट मिल सकती है। चालकों से कहा गया है कि वे अपने वाहन की उत्सर्जन श्रेणी और लागू पाबंदियों की जानकारी जुटाकर ही घर से निकलें।

बच्चों की सेहत पर प्रदूषण के असर को ध्यान में रखकर स्कूलों के लिए भी अलग इंतजाम किए गए हैं। GRAP-3 में स्थानीय प्रशासन को यह अधिकार दिया गया है कि वह पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद करके ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प लागू कर सके। निजी कंपनियों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम हों और प्रदूषण पर काबू पाने में मदद मिले। डीजल जनरेटर चलाने पर भी रोक लगा दी गई है, हालांकि जरूरी और आपात सेवाओं के लिए तय छूट जारी रहेगी।

राजधानी के विभिन्न हिस्सों में हवा की स्थिति गहरी चिंता पैदा कर रही है। पंजाबी बाग में AQI 446 मापा गया, नरेला में 434, रोहिणी में 431, आरके पुरम में 416 और बवाना में 412 तक यह आंकड़ा पहुंचा। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में AQI 408 और पटपड़गंज में 405 रहा। ओखला फेज-2 और इंडिया गेट पर 399, ITO पर 397, द्वारका सेक्टर-8 में 396, चांदनी चौक में 356 और वसुंधरा एन्क्लेव में 330 AQI दर्ज हुआ। आनंद विहार में यह 293 और लोधी रोड पर 268 रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के कई इलाकों में हवा बेहद खराब से लेकर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गई है।

शुक्रवार को दिल्ली-NCR के प्रदूषण का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी गूंजा। सुनवाई में अदालत ने वाहनों के उत्सर्जन को वायु प्रदूषण की एक बड़ी वजह माना और राजधानी की सड़कों पर भारी यातायात व बार-बार लगने वाले जाम पर चिंता प्रकट की। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए तात्कालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक, तीनों तरह के उपाय जरूरी हैं। अदालत ने यह इशारा भी किया कि सिर्फ पाबंदियों से स्थायी हल नहीं निकलेगा, इसके लिए व्यापक जागरूकता और कारगर व्यवस्था चाहिए।

उधर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि केंद्र का वायु गुणवत्ता पैनल मौसम संबंधी स्थितियों की लगातार निगरानी कर रहा है, जिसमें हवा की दिशा, रफ्तार और बहाव जैसे अहम पहलुओं का आकलन शामिल है। उन्होंने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। पराली जलाने के सवाल पर उनका दावा था कि इस वर्ष पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पराली प्रबंधन पर काम हुआ है और धान की करीब 40 प्रतिशत पराली का उपयोग एक्स-सीटू प्रबंधन के जरिए किया गया है।

गंभीर प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के लोगों से भी एहतियात बरतने को कहा गया है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगों से जूझ रहे लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए। सलाह दी गई है कि लोग बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, बाहर जाएं तो मास्क पहनें और ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों में देर तक रुकने से बचें। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मौसम व वायु गुणवत्ता के आंकड़ों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि जरूरत होने पर और कड़े कदम उठाए जा सकें।

दीपावली से ठीक पहले GRAP-3 लागू होने के कारण दिल्ली-NCR में निर्माण कार्य, वाहनों और औद्योगिक इकाइयों के कामकाज पर असर पड़ सकता है। अब सभी संबंधित विभागों के लिए चुनौती इन पाबंदियों को सख्ती से लागू करवाने की है। CAQM ने यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया है, ताकि आने वाले दिनों में हवा और जहरीली न हो। दिल्लीवासियों से भी अपेक्षा है कि वे प्रशासन का साथ दें और पर्यावरण बचाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें