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दिल्ली के किसान 22 दिसंबर को जंतर-मंतर पर करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन

नई दिल्ली।

दिल्ली देहात विकास मंच ने घोषणा की है कि हजारों किसान रविवार, 22 दिसंबर को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन कंझावला और दौलतपुर में चल रहे आंदोलनों का विस्तार है। प्रदर्शनकारी लंबे समय से लंबित भूमि पूलिंग नीति और ग्रीन डेवलपमेंट एरिया नीति को लागू करने की मांग कर रहे हैं, जो 2007 से अटकी हुई हैं।

इसके अलावा, वे दिल्ली विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1957 में संशोधन की मांग कर रहे हैं ताकि शहरी विकास, भूमि अधिकार और दिल्ली के गांवों के लिए लाभकारी योजनाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों का समाधान हो सके। प्रमुख राजनीतिक नेताओं जैसे श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी (सांसद, दक्षिण दिल्ली), श्रीमती कमलजीत सहरावत (सांसद, पश्चिम दिल्ली), और श्री योगेंद्र चंदोलिया (सांसद, उत्तर-पश्चिम दिल्ली) ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और किसानों की जायज मांगों के लिए पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। जनता ने उनके आश्वासन का स्वागत उत्साहपूर्ण नारों के साथ किया।

दिल्ली देहात विकास मंच के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र बाजाद ने स्पष्ट किया कि जब तक ये वादे जमीन पर लागू नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

बाजाद ने कहा:
“हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह मास्टर प्लान दिल्ली 2041 को तुरंत अधिसूचित करे और संशोधित भूमि पूलिंग नीति (एलपीपी) और ग्रीन डेवलपमेंट एरिया (जीडीए) नीति को लागू करे। ये कदम दिल्ली के किसानों की लंबे समय से लंबित चुनौतियों को हल करने और क्षेत्र की राजस्व संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। एक स्पष्ट रोडमैप, जिसमें ठोस समयसीमाएं तय हों, न केवल किसानों के आर्थिक भविष्य को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि दिल्ली के शहरी विकास को भी गति प्रदान करेगा। अब समय आ गया है कि वादे को कार्य में बदला जाए, जिससे लाखों लोगों के अधिकार और आजीविका सुरक्षित हो सके।”

मंच ने चेतावनी दी है कि आगामी चुनावों से पहले उनकी मांगों को यदि पूरा नहीं किया गया, तो वे उन राजनीतिक दलों का समर्थन करेंगे जो इन मांगों को अपने घोषणा-पत्र में शामिल करेंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और अनुशासन में रहने की अपील भी की।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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