Cyber Fraud: नोएडा में पांच लोगों से 39 लाख रुपये की ठगी, शेयर ट्रेडिंग और APK फाइल से बनाया शिकार
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को जाल में फंसाकर कुल 39 लाख रुपये ठग लिए। किसी को शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर दोगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया गया, तो किसी को टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के नाम पर रुपये जमा कराने के लिए कहा गया। वहीं, एक पीड़ित को गैस बिल बकाया होने का झांसा देकर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई गई। बैंक खातों से रकम निकलने और पैसे वापस नहीं मिलने पर पीड़ितों को ठगी का पता चला। सभी पीड़ितों ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
नोएडा के सेक्टर-8 निवासी योगेश शीशे का काम करते हैं। उनके मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 को एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताया। शुरुआत में उन्हें कुछ टास्क पूरे करने के लिए दिए गए और इसके बदले उनके खाते में रकम भेजी गई। इससे उन्हें आरोपी पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्हें एक ऐप पर पंजीकरण कराकर निवेश करने और दोगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। आरोप है कि 8 अप्रैल तक उनसे कुल 8 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
टेलीग्राम पर टास्क देकर 10 लाख रुपये ठगे
नोएडा के सेक्टर-63 निवासी इंजीनियर मनीष कुमार को टेलीग्राम के जरिए टास्क पूरे करने का प्रस्ताव दिया गया। इसके बाद उन्हें निवेश के नाम पर रुपये जमा कराने के लिए कहा गया। आरोप है कि 30 मई 2025 तक उनसे 10 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें ठगी का पता चला। इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी नीलाभ को शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर मुनाफे का लालच दिया गया। आरोप है कि उनसे भी 8 लाख रुपये की ठगी की गई।
गैस बिल बकाया बताकर APK फाइल डाउनलोड कराई
नोएडा के सेक्टर-62 निवासी प्रमोद को 8 दिसंबर 2025 को एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईजीएल का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका गैस बिल बकाया है। आरोप है कि इसके बाद प्रमोद को मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया। फाइल डाउनलोड करने के बाद उनके बैंक खाते से 6 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी दुआ कुमार से भी इसी तरह ठगी किए जाने का आरोप है। उनके खाते से 7 लाख रुपये निकलने की बात सामने आई है।
पांचों मामलों में पीड़ितों ने साइबर अपराध की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस से की है। पुलिस शिकायतों के आधार पर मामलों की जांच कर रही है। कुल 39 लाख रुपये की कथित ठगी के इन मामलों में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने किस तरह रकम ट्रांसफर कराई और ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों तथा डिजिटल माध्यमों के पीछे कौन लोग शामिल हैं।


