Cyber Fraud: नोएडा में पांच लोगों से 35 लाख रुपये की साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग से नौकरी तक का दिया झांसा
नोएडा। साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने, ऑनलाइन टास्क पूरा कराने, मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड कराने और निजी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लोगों से करीब 35 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगी के इन मामलों में आरोपियों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए और बाद में बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।
सेक्टर-20 निवासी एक इंजीनियर को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बनकर एक व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोपी ने शुरुआत में उनसे ऑनलाइन टास्क पूरे कराए और बदले में उनके बैंक खाते में रकम भेजी। इससे इंजीनियर को उस पर भरोसा हो गया। इसके बाद आरोपी ने निवेश करने पर रकम दोगुनी करने का लालच दिया और एक एप पर पंजीकरण कराकर छह अप्रैल तक उनसे करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे। रकम देने से इनकार करने पर खाता फ्रीज करने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया।
सेक्टर-27 निवासी एक अन्य युवक को टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन टास्क पूरे कराने के बाद निवेश का झांसा दिया गया। आरोपियों ने उसे रकम जमा करने के लिए कहा और चार अप्रैल 2025 तक करीब छह लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब युवक ने अपनी रकम वापस मांगी तो उसे ठगी का पता चला। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
इसी तरह सेक्टर-20 निवासी सचिन को अगस्त 2025 में एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग में 20 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का लालच दिया गया। आरोपियों के झांसे में आकर सचिन ने करीब आठ लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में रकम वापस नहीं मिलने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
ग्रेटर नोएडा निवासी एक युवक को साइबर ठग ने बैंककर्मी बनकर फोन किया। आरोपी ने क्रेडिट कार्ड बनवाने के बहाने युवक के मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड करा दी। इसके बाद मोबाइल तक अनधिकृत पहुंच बनाकर बैंक खाते से करीब पांच लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित को बैंक खाते से रकम निकलने के बाद धोखाधड़ी का पता चला।
एक अन्य मामले में सेक्टर-77 निवासी व्यक्ति इंटरनेट मीडिया पर नौकरी तलाश रहे थे। इसी दौरान ठगों ने इंडीहब्स कंपनी का कर्मचारी बनकर उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने नौकरी दिलाने और चयन प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर 19 अगस्त 2025 तक उनसे करीब छह लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस न मिलने पर पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि पांचों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने, रकम के लेन-देन का पता लगाने और ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों तथा डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटाने में लगी है।


