Dadri Court Case: दादरी गोलीकांड मामले में पांच आरोपी बरी, अदालत ने दिया संदेह का लाभ
नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र में वर्ष 2015 में हुए मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने सुखवीर, उसके बेटे कपिल और अनिल के अलावा भोलू उर्फ प्रशांत और सुरेंद्र को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
अभियोजन के अनुसार, वादी विनोद ने 10 मई 2015 को दादरी थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वह और उसका भाई एनसीआर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद अपने घर पहुंचे थे। इसी दौरान सुखवीर, कपिल, अनिल, रोहित, भोलू और सुरेंद्र तमंचे लेकर वहां पहुंचे और जान से मारने की नीयत से गोली चलाने लगे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और मामले की विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र अदालत में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपों को साबित करने के लिए साक्ष्य पेश किए गए।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि घटना की तारीख को शिकायतकर्ता पक्ष को चोटें आई थीं। हालांकि, अदालत के अनुसार अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों से यह स्थापित नहीं हो सका कि ये चोटें आरोपियों द्वारा ही पहुंचाई गई थीं।
अदालत ने साक्ष्यों और मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। इसी आधार पर अदालत ने सुखवीर, कपिल, अनिल, भोलू उर्फ प्रशांत और सुरेंद्र को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

