Chinese Manjha: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर चाइनीज मांझे से बाइक सवार की गर्दन कटी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बने देवदूत
रिपोर्ट: रवि डालमिया
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार की गर्दन गंभीर रूप से कट गई। घटना के दौरान मौके पर तैनात दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तुरंत टैक्सी से अस्पताल पहुंचाया। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से घायल को उपचार मिल सका। पुलिसकर्मियों की इस मानवीय पहल की सराहना की जा रही है।
डीसीपी ट्रैफिक श्वेता सिंह चौहान के अनुसार, यह घटना 10 अक्टूबर को दिल्ली-देहरादून हाईवे से उतरते समय हुई। बाइक सवार सड़क पर उड़ रहे चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी गर्दन पर गंभीर चोट आई। अचानक हुई इस घटना के कारण घायल की हालत चिंताजनक हो गई और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी था।
घायल की पहचान गाजियाबाद के लोनी स्थित गीतांजलि विहार निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई है। घटना के समय भजनपुरा ट्रैफिक सर्कल में तैनात एएसआई महेंद्र, हेड कांस्टेबल अरुण, कांस्टेबल पुष्पेंद्र और कांस्टेबल नितिन ने उन्हें घायल अवस्था में देखा। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए मदद की व्यवस्था की और एक टैक्सी के जरिए राकेश कुमार को जग प्रवेश चंद्र (JPC) अस्पताल पहुंचाया।
पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई के चलते घायल को जल्द चिकित्सा सहायता मिल सकी। सड़क पर आपात स्थिति के दौरान समय पर मदद उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि गंभीर चोट लगने की स्थिति में अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी मरीज की हालत को और बिगाड़ सकती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी के साथ मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए घायल की मदद की।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने जवानों की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि सड़क पर किसी भी आपात स्थिति में जरूरतमंदों की सहायता करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि यातायात व्यवस्था संभालने के साथ-साथ पुलिसकर्मी संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, इस तरह का धारदार मांझा दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। चलते वाहन पर मांझा गर्दन या शरीर के अन्य हिस्सों में उलझने से गंभीर और जानलेवा चोटें लग सकती हैं।
पुलिस ने चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और कब्जे से भी दूर रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे सुरक्षित तरीके से पतंगबाजी करें और ऐसे मांझे के इस्तेमाल को रोकने में सहयोग दें, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। राकेश कुमार के साथ हुई घटना प्रतिबंधित मांझे से पैदा होने वाले जोखिमों को उजागर करती है।


