Bulandshahar (अवनीश त्यागी) : बुलंदशहर में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा चिकित्सकों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में संविदा कर्मी नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

संगठन के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 6 सूत्रीय मांग पत्र चीफ मेडिकल ऑफिसर सुनील कुमार दौहरे को सौंपा। जिला अध्यक्ष ने बताया कि पिछले 15 से 18 वर्षों से एनएचएम संविदा कर्मी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ के रूप में काम कर रहे हैं। कोविड-19 जैसी महामारी के कठिन समय में भी इन्होंने अपने परिवार की परवाह किए बिना जनता तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों में एनएचएम संविदा कर्मियों के लिए वेतन संरचना, महंगाई भत्ता, स्थानांतरण, ईपीएफ और सामाजिक सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया है।
संगठन की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, वर्तमान वेतन में वृद्धि, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता और ग्रेच्युटी का लाभ शामिल है। इसके साथ ही रिक्त पदों पर गृह जनपद में स्थानांतरण, सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्स कर्मचारियों का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन और नियमित भर्तियों में 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी की गई है।
जिला महामंत्री डॉ. तहसीन रजा ने बताया कि कर्मचारियों ने 5, 6 और 7 अक्टूबर को काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध किया था और अब 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालय पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। जिला उपाध्यक्ष डॉ. योगेश शर्मा ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं और राज्य प्रतिनिधिमंडल से सार्थक वार्ता नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से प्रदेश भर के संविदा कर्मचारी लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।


