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BOCW Portal: श्रम एवं रोजगार सम्मेलन में तैयार हुआ विकसित भारत का रोडमैप : मांडविया

BOCW Portal: श्रम एवं रोजगार सम्मेलन में तैयार हुआ विकसित भारत का रोडमैप : मांडविया
डिजिटल लेबर चौक ऐप, बीओसीडब्ल्यू पोर्टल लॉन्च — निजी प्लेसमेंट एजेंसियों पर निगरानी सख्त होगी

नई दिल्ली,  केंद्र सरकार ने देश के श्रमिकों के कल्याण और रोजगार प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय श्रम एवं रोजगार सम्मेलन में तीन नई डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया। इनमें शामिल हैं —
1️⃣ डिजिटल लेबर चौक मोबाइल ऐप
2️⃣ ऑनलाइन बीओसीडब्ल्यू (BOCW) उपकर संग्रह पोर्टल
3️⃣ राज्य वेलफेयर बोर्ड्स के लिए वर्कर बेनिफिट फंड के प्रवाह में तेजी लाने की पहल

इन कदमों का उद्देश्य देश के करोड़ों श्रमिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी एवं सुचारु रूप से लागू करना है।

विकसित भारत के लिए श्रम क्षेत्र का नया विजन

मांडविया ने सम्मेलन में बताया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में श्रमिकों की भूमिका को मजबूत करना है। इस अवसर पर उन्होंने कहा,

“डिजिटल और पारदर्शी श्रम व्यवस्था से न केवल रोजगार अवसर बढ़ेंगे, बल्कि हर श्रमिक को उसका हक सुरक्षित रूप से मिलेगा।”

उन्होंने बताया कि ‘प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी (रेगुलेशन) एक्ट, 2025’ और राष्ट्रीय श्रम एवं रोजगार नीति, 2025 के मसौदे भी पेश किए गए हैं।

निजी प्लेसमेंट एजेंसियों पर सख्त निगरानी

मांडविया ने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य अब तक बिखरे हुए प्लेसमेंट इकोसिस्टम को व्यवस्थित करना है। इसके तहत सभी निजी प्लेसमेंट एजेंसियों को राष्ट्रीय स्तर पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
इससे एक सिंगल नेशनल रजिस्ट्री बनेगी जो घरेलू और विदेशी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाएगी और वर्कर्स के शोषण को रोकेगी।

सुरक्षित और पारदर्शी रोजगार व्यवस्था

मंत्री मांडविया ने कहा कि यह नया कानून निजी क्षेत्र में सरकारी नियमों के अनुपालन को मजबूत करेगा। हर वर्कर को एक भरोसेमंद, सुरक्षित और जवाबदेह प्लेसमेंट सिस्टम मिलेगा, जिससे रोजगार प्रक्रिया अधिक संगठित और सुरक्षित बनेगी।

प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना पर जोर

मांडविया ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करने और ₹1 लाख करोड़ का निवेश करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे अपने रोजगार कार्यक्रमों को इस राष्ट्रीय मिशन से जोड़कर अधिकतम तालमेल और प्रभाव सुनिश्चित करें।

हर श्रमिक तक पहुंचे डिजिटल सुविधाएं

श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी राज्यों से अपील की कि वे ई-श्रम और राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के अभियान में कोई भी श्रमिक पीछे न रहे, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सभी की है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के श्रम एवं रोजगार मंत्री और सचिव शामिल हुए। सभी ने श्रम कल्याण, रोजगार नीति, और सामाजिक सुरक्षा को लेकर संयुक्त रणनीति और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने पर बल दिया।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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