Bank Loan Fraud: कंपनी मालिक पर 89.46 लाख का लोन लेकर फरार होने का आरोप, चार लोगों पर केस दर्ज
नोएडा। सेक्टर-22 स्थित नोबल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से करीब 89.46 लाख रुपये का ऋण लेने के बाद रकम वापस नहीं करने और बैंक के पास गिरवी रखी संपत्ति बेचने का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन ने कंपनी मालिक और ऋण के तीन गारंटरों पर मिलीभगत कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर सेक्टर-24 थाना पुलिस ने कंपनी मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक के अधिकृत अधिकारी मेहर सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि मैसर्स सीडीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर्स कंपनी दिल्ली-एनसीआर में सौर ऊर्जा से संबंधित कार्य करती है। आरोप है कि कंपनी के मालिक विजय कुमार गुप्ता ने वर्ष 2024 में नोबल को-ऑपरेटिव बैंक से 89 लाख 46 हजार रुपये का ऋण लिया था। ऋण के बदले कंपनी का स्टॉक, प्लांट और मशीनरी बैंक के पास गिरवी रखी गई थी।
ऋण प्रक्रिया के दौरान पूनम गुप्ता, अंकित कुमार गुप्ता और अतुल कुमार गंगवार ने गारंटर के रूप में अपने दस्तावेज बैंक में जमा किए थे। बैंक के मुताबिक तीनों ने ऋण के लिए अपनी निजी गारंटी भी दी थी।
बैंक प्रबंधन का आरोप है कि निर्धारित अवधि में ऋण की रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद बैंक ने बकाया रकम की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की। 25 जनवरी 2025 को हुई कानूनी कार्रवाई के बाद गिरवी रखी चल संपत्ति को पुलिस की सहायता से कुर्क कर उसका कब्जा बैंक को दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बैंक अधिकारी जब संबंधित स्थान पर पहुंचे तो कथित रूप से गिरवी रखा गया स्टॉक, प्लांट और मशीनरी वहां नहीं मिला। आरोप है कि पुलिस ने विजय कुमार गुप्ता से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने गिरवी रखा सामान बेच दिए जाने की बात कही। साथ ही वह अपने पुराने पते पर भी नहीं मिले। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाकर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेज दी।
बैंक का आरोप है कि कंपनी मालिक और गारंटरों ने आपस में मिलीभगत कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की और उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाया। हालांकि ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
सेक्टर-24 थाना पुलिस के मुताबिक न्यायालय के आदेश पर विजय कुमार गुप्ता, पूनम गुप्ता, अंकित कुमार गुप्ता और अतुल कुमार गंगवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


